Bihar: दरभंगा हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को अब और मजबूत कर दिया गया है। अब यहां की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंप दी गई है। गुरुवार, 14 मई 2026 को एक औपचारिक कार्यक्रम के बाद ज
Bihar: दरभंगा हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को अब और मजबूत कर दिया गया है। अब यहां की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंप दी गई है। गुरुवार, 14 मई 2026 को एक औपचारिक कार्यक्रम के बाद जवानों की तैनाती शुरू हुई। इससे पहले बिहार पुलिस यहां की सुरक्षा संभाल रही थी।
दरभंगा एयरपोर्ट पर क्या-क्या बदलाव हुए हैं
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पहले चरण में 145 CISF जवानों को तैनात किया गया है। यहां अब बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू होगी, जिसमें यात्रियों और उनके सामान की बारीकी से जांच की जाएगी। साथ ही, निगरानी के लिए आधुनिक सिस्टम और प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था लगाई गई है। खास तौर पर त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT), बम निरोधक दस्ता (BDS) और विस्फोटक खोजने वाले के-9 श्वान दस्ते को भी तैनात किया गया है।
क्यों जरूरी थी CISF की तैनाती
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मिथिला क्षेत्र एक संवेदनशील इलाका है, इसलिए यहां सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह हवाई अड्डा भारत-नेपाल सीमा के करीब है, जिससे तस्करी और ड्रोन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत सुरक्षा जरूरी थी। CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने 15 मई को यहां का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया और यात्रियों के लिए सुरक्षित माहौल देने की बात कही।
भविष्य की योजनाएं और महत्व
दरभंगा हवाई अड्डा भारत सरकार की ‘उड़ान’ योजना का हिस्सा है और तेजी से विकसित हो रहा है। यह पटना और गया के बाद बिहार का तीसरा ऐसा हवाई अड्डा बन गया है जहां CISF की सुरक्षा मिली है। उपमुख्यमंत्री ने इसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने और इसका नाम ‘बाबा विद्यापति’ के नाम पर रखने का सुझाव दिया है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बिहार में हवाई संपर्क को दस गुना बढ़ाना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दरभंगा हवाई अड्डे पर कितने CISF जवान तैनात किए गए हैं
पहले चरण में कुल 145 CISF कर्मियों की तैनाती की गई है, जो हवाई अड्डे की सुरक्षा और निगरानी का काम संभालेंगे।
CISF की तैनाती से यात्रियों को क्या फायदा होगा
यात्रियों को अब एक बहु-स्तरीय सुरक्षा कवच मिलेगा, जिसमें उन्नत जांच प्रणालियाँ और त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) शामिल हैं, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित होगी।