Maharashtra: मुंबई के दादर का मशहूर मालवणी सीफूड रेस्टोरेंट Chaitanya अब Thane में भी खुल गया है। अपनी खास मछली और असली स्वाद के लिए जाने जाने वाला यह रेस्टोरेंट अब ठाणे के लोगों के लिए उपलब्ध है। यह विस्तार शहर के बाहरी
Maharashtra: मुंबई के दादर का मशहूर मालवणी सीफूड रेस्टोरेंट Chaitanya अब Thane में भी खुल गया है। अपनी खास मछली और असली स्वाद के लिए जाने जाने वाला यह रेस्टोरेंट अब ठाणे के लोगों के लिए उपलब्ध है। यह विस्तार शहर के बाहरी इलाकों में बढ़ती मांग को देखते हुए किया गया है ताकि लोग आसानी से प्रामाणिक मालवणी खाने का आनंद ले सकें।
Chaitanya रेस्टोरेंट की शुरुआत और सफर
इस रेस्टोरेंट की नींव Surekha और Nitin Walke ने 1993 में मालवन में रखी थी। इसके बाद 2010 में उन्होंने दादर में एक छोटा टेकअवे आउटलेट शुरू किया था, जिसमें सिर्फ 25,000 रुपये का निवेश किया गया था। धीरे-धीरे यह एक बड़े रेस्टोरेंट में बदला और फिर 2019 में Andheri में Nav Chaitanya की शुरुआत हुई। अब ठाणे में इसका नया आउटलेट खुला है।
ठाणे आउटलेट की खासियतें और नया मेन्यू
ठाणे का यह नया रेस्टोरेंट ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर फैला हुआ है, जिसमें 90 लोगों के बैठने की जगह है। इसे एक आधुनिक मालवणी घर जैसा लुक दिया गया है जिसमें लकड़ी और प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल हुआ है। यहाँ के मेन्यू में पुराने खास व्यंजन जैसे Surmai Fry, Bombil Fry, Chicken Sukka और Mutton Masala के साथ-साथ अब Tandoor सेक्शन भी जोड़ा गया है, जिसमें Pomfret Tandoor और Tandoor Crab जैसे विकल्प मिलेंगे।
स्वाद और शुद्धता को कैसे रखा गया बरकरार
संस्थापक Surekha Walke ने साफ किया है कि विस्तार के बाद भी स्वाद में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। असली मालवणी जायके के लिए नारियल, कोकम, इमली और सीजनल मछली सीधे मालवन से मंगवाई जाती है। रेस्टोरेंट का मकसद ग्राहकों को एक आरामदायक माहौल देना है जहाँ वे सुकून से बैठकर अपने भोजन का आनंद ले सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ठाणे वाले Chaitanya रेस्टोरेंट में क्या नया है?
ठाणे आउटलेट में 90 सीटों की क्षमता है और यहाँ पुराने मालवणी खाने के साथ-साथ अब एक नया तंदूर सेक्शन भी शुरू किया गया है, जिसमें पोम्पफ्रेट तंदूर और तंदूर क्रैब जैसे व्यंजन मिलते हैं।
क्या ठाणे आउटलेट में स्वाद दादर जैसा ही होगा?
हाँ, संस्थापक Surekha Walke के अनुसार स्वाद में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके लिए जरूरी सामग्री जैसे कोकम और नारियल सीधे मालवन से मंगवाए जाते हैं।