Delhi: Rouse Avenue कोर्ट ने गैंगस्टर कपिल संगवान उर्फ नंदू के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के एक मामले में की गई है। पुलिस का कहना है कि संग
Delhi: Rouse Avenue कोर्ट ने गैंगस्टर कपिल संगवान उर्फ नंदू के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के एक मामले में की गई है। पुलिस का कहना है कि संगवान फरार है और विदेश में बैठकर एक संगठित अपराध सिंडिकेट चला रहा है।
कोर्ट ने वारंट क्यों जारी किया और आगे क्या होगा?
स्पेशल जज विशाल गोगने ने बुधवार, 4 जून 2026 को यह वारंट जारी किया, जिसे 9 जून 2026 तक वापस लाना है। कोर्ट ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि आरोपी की अनुपस्थिति में ट्रायल (Trial in absentia) शुरू किया जा सके। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 356 के तहत, अगर आरोपी फरार हो, तो उसकी गैर-मौजूदगी में मुकदमा चलाया जा सकता है। इसके लिए पहले दो बार गिरफ्तारी वारंट जारी करना जरूरी होता है, और यह पहला वारंट है।
दिल्ली पुलिस और अभियोजन पक्ष की दलीलें
स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अखंड प्रताप सिंह और समृद्धि डोभाल ने कोर्ट को बताया कि कपिल संगवान का कोई पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि उसकी अनुपस्थिति में ही कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। कोर्ट ने अब जांच अधिकारी (IO) को निर्देश दिया है कि वह आरोपी के किसी रिश्तेदार या दोस्त की जानकारी दे, ताकि उन्हें ट्रायल शुरू होने की सूचना दी जा सके। इस पूरी प्रक्रिया की कंप्लायंस रिपोर्ट 9 जुलाई 2026 तक जमा करनी होगी।
कौन है कपिल संगवान और क्या है मामला?
कपिल संगवान उर्फ नंदू एक फरार गैंगस्टर है जिस पर संगठित अपराध चलाने के गंभीर आरोप हैं। वह MCOCA केस में आरोपी है, जिसमें पूर्व AAP विधायक नरेश बालियान भी सह-आरोपी हैं। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है और आरोपी को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Trial in absentia का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि जब कोई आरोपी फरार हो और कोर्ट में पेश न हो रहा हो, तो कानून की विशेष धाराओं (जैसे BNSS की धारा 356) के तहत उसकी गैर-मौजूदगी में ही मुकदमा चलाया जाता है।
कपिल संगवान के खिलाफ वारंट कब तक वापस लाना है?
स्पेशल जज विशाल गोगने द्वारा जारी किया गया यह गैर-जमानती वारंट (NBW) 9 जून 2026 तक वापस लाना है।