Colombia में 7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 134 लोगों की मौत और हजारों लापता

World: दक्षिण अमेरिकी देश Colombia में आए एक शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। 10 अगस्त 2026 को सुबह 07:34 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता 7.4 मापन रही, जिसकी वजह से अब तक 134 लोगों की जान जा चुकी है। राष्ट्रपति Abelardo

World: दक्षिण अमेरिकी देश Colombia में आए एक शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। 10 अगस्त 2026 को सुबह 07:34 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता 7.4 मापन रही, जिसकी वजह से अब तक 134 लोगों की जान जा चुकी है। राष्ट्रपति Abelardo de la Espriella ने देश में आपातकाल घोषित कर दिया है ताकि राहत कार्यों के लिए फंड और मदद तेजी से पहुंचाई जा सके।

यह भूकंप San José del Palmar के पास महसूस किया गया, जिसकी गहराई करीब 100 से 110 किलोमीटर थी। इस आपदा में 810 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और 3,000 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। भूकंप का असर Medellín, Cali और Bogotá जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ Pereira और Manizales में भी देखा गया।

तबाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरे देश में 1,000 से ज्यादा इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से 61 पूरी तरह जमींदोज हो गईं। सिर्फ Cali शहर में ही 5,000 से ज्यादा इमारतें टूटी या क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा 18 स्वास्थ्य केंद्र और 52 स्कूल भी इस भूकंप की चपेट में आए हैं। परिवहन व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है, जहां Pereira का Matecaña इंटरनेशनल एयरपोर्ट आंशिक रूप से ढह गया और कई अन्य हवाई अड्डों पर कामकाज रोक दिया गया।

राष्ट्रपति Abelardo de la Espriella ने खुद कमान संभालते हुए कहा कि सरकार मलबे में दबे लोगों को निकालने और प्रभावितों की मदद के लिए पूरी ताकत लगा रही है। Colombian Geological Service ने इसे पिछले एक दशक का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया है और आने वाले समय में और झटकों की चेतावनी दी है।

इस संकट की घड़ी में दुनिया भर से मदद के हाथ बढ़ रहे हैं। अमेरिका, मैक्सिको, वेनेजुएला, ब्राजील और इक्वाडोर ने मानवीय सहायता और बचाव दल भेजने की पेशकश की है। यूरोपीय संघ ने मलबे और बंद रास्तों की मैपिंग के लिए अपने सैटेलाइट सर्विस का उपयोग किया है। वहीं World Central Kitchen जैसी संस्थाएं भोजन वितरण का काम कर रही हैं। फिलहाल बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं और महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जा रहा है।