Delhi, UP और Rajasthan में कोचिंग सेंटरों पर बड़ी कार्रवाई, कई संस्थान सील; लखनऊ हादसे के बाद जागा प्रशासन
Delhi/UP/Rajasthan: लखनऊ में एक दर्दनाक आग की घटना में 15 लोगों की जान जाने के बाद अब दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कोचिंग सेंटरों की सघन जांच शुरू हो गई है। प्रशासन अब उन संस्थानों पर सख्ती कर रहा है जो सुरक्षा न
Delhi/UP/Rajasthan: लखनऊ में एक दर्दनाक आग की घटना में 15 लोगों की जान जाने के बाद अब दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कोचिंग सेंटरों की सघन जांच शुरू हो गई है। प्रशासन अब उन संस्थानों पर सख्ती कर रहा है जो सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे थे। 23-24 जून 2026 से शुरू हुए इस अभियान का मुख्य मकसद छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बिल्डिंग नियमों का पालन करवाना है।
दिल्ली में शिक्षा मंत्री Ashish Sood ने साफ कहा है कि छात्रों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दिल्ली मेयर Pravesh Wahi ने बताया कि शहर में कई एजेंसियां मिलकर जांच कर रही हैं। MCD को 923 कोचिंग सेंटरों का डेटा देने और रोजाना रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली के मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर और कटवारिया सराय जैसे इलाकों में विशेष जांच चल रही है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार फीस स्ट्रक्चर और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर एक नया नियम बनाने पर काम कर रही है।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर पूरे राज्य में यह अभियान चलाया जा रहा है। लखनऊ में बुधवार को 15 कोचिंग संस्थान सील किए गए। कानपुर के काकादेव इलाके में मंगलवार तक 30 से ज्यादा सेंटरों को सील किया गया क्योंकि वहां बेसमेंट को क्लासरूम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था और फायर सेफ्टी क्लियरेंस नहीं था। वाराणसी में भी 8 संस्थान सील हुए हैं और 14 अन्य को नोटिस जारी किए जाएंगे। लखनऊ हादसे की जांच में 25 अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है जिन पर सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
राजस्थान के जयपुर में भी प्रशासन सख्त है। मंगलवार को 14 कोचिंग सेंटर सील किए गए और दो दर्जन से ज्यादा को नोटिस मिला। 4 जून से अब तक करीब 600 संस्थानों और लाइब्रेरी की जांच की गई है जिनमें से 150 कोचिंग सेंटरों को नियमों के उल्लंघन के कारण नोटिस दिए गए हैं। जयपुर में मुख्य अग्निशमन अधिकारी Devendra Meena की टीम इस कार्रवाई को लीड कर रही है।
पंजाब सरकार भी अब कोचिंग सेंटरों के लिए नए नियम लाने की तैयारी में है। इसमें छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाएगा और कोचिंग के घंटे दिन में अधिकतम पांच तय किए जाएंगे। साथ ही हर हफ्ते एक छुट्टी अनिवार्य होगी और हर छात्र के लिए एक वर्ग मीटर जगह का नियम लागू होगा। नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।