UP: लखनऊ में आयोजित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सड़कों पर नमाज पढ़ने वालों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सार्वजनिक रास्तों पर नमाज पढ़ना बर्दाश्त
UP: लखनऊ में आयोजित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सड़कों पर नमाज पढ़ने वालों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सार्वजनिक रास्तों पर नमाज पढ़ना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर लोग प्यार से बात मान लेते हैं तो ठीक है, वरना सरकार को दूसरे तरीके अपनाने पड़ेंगे।
सड़क पर नमाज को लेकर क्या हैं नियम
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़कें ट्रैफिक के लिए होती हैं, धार्मिक प्रार्थनाओं के लिए नहीं। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर नमाज पढ़ना जरूरी है, तो इसे शिफ्ट में किया जा सकता है, लेकिन सड़क पर बिल्कुल नहीं। बता दें कि DGP O.P. Singh ने अगस्त 2019 में ही पूरे प्रदेश में सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी थी। केवल विशेष मौकों पर जिला प्रशासन की अनुमति से ही इसकी छूट दी जाती है।
नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई
प्रदेश के कई जिलों जैसे संभल, अलीगढ़, मेरठ और बागपत में मार्च 2025 में सख्त निर्देश जारी किए गए थे। इसमें सड़कों और छतों पर जुमे की नमाज पढ़ने पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी, जिसमें पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करना भी शामिल हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आने के बाद से यूपी में सड़कों पर नमाज का चलन खत्म हो गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या यूपी में सड़कों पर नमाज पढ़ना कानूनी रूप से मान्य है
नहीं, अगस्त 2019 से DGP द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है। केवल विशेष अवसरों पर जिला प्रशासन की लिखित अनुमति होने पर ही इसकी अनुमति मिलती है।
नियम तोड़ने पर प्रशासन क्या कार्रवाई कर सकता है
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। कुछ जिलों में प्रशासन ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों के पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस तक रद्द किए जा सकते हैं।