Maharashtra: नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास अब पढ़ाई और इलाज की दुनिया बदल जाएगी। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने EduCity और MediCity प्रोजेक्ट के लिए जमीन जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। इस पहल का मकसद
Maharashtra: नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास अब पढ़ाई और इलाज की दुनिया बदल जाएगी। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने EduCity और MediCity प्रोजेक्ट के लिए जमीन जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। इस पहल का मकसद दुनिया की बड़ी यूनिवर्सिटीज को महाराष्ट्र लाना और लोगों को वर्ल्ड क्लास शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं देना है।
EduCity और MediCity से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इन प्रोजेक्ट्स के आने से महाराष्ट्र के छात्रों को अब विदेश जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि दुनिया की मशहूर यूनिवर्सिटीज यहीं कैंपस खोलेंगी। इससे रिसर्च और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, MediCity के जरिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। अनुमान है कि इससे 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का विदेशी निवेश (FDI) आएगा और करीब 50,000 लोगों को सीधी या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
कौन सी यूनिवर्सिटीज और कंपनियां जुड़ी हैं इस प्रोजेक्ट से?
कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है और कुछ के साथ समझौते (MoU) भी हो चुके हैं। मुख्य विवरण नीचे दी गई टेबल में देखें:
| संस्थान/कंपनी |
देश/विवरण |
| University of York |
UK |
| University of Aberdeen |
Scotland |
| University of Western Australia |
Australia |
| Illinois Institute of Technology |
USA |
| Istituto Europeo di Design |
Italy |
| University of Connecticut |
USA (डेवलपमेंट में मदद करेंगे) |
| Eruditus |
20,000-25,000 करोड़ का MoU |
जमीन अधिग्रहण और नियम क्या हैं?
CIDCO इस प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी है और इसने EduCity के लिए तय 250 एकड़ जमीन में से करीब 85% हिस्सा हासिल कर लिया है। MediCity का मास्टर प्लान भी तैयार हो चुका है। सरकार की नई पॉलिसी के तहत जमीन आपसी सहमति या FSI/TDR के जरिए ली जाएगी। विदेशी निवेश के लिए कम से कम 100 एकड़ जमीन की जरूरत होगी और कंपनी को चार साल के भीतर 250 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा।