Lucknow में ‘क्लासिकल वॉइस ऑफ अवध’ महोत्सव का आयोजन, जल तरंग और सितार की धुनों ने मोहा मन
Lucknow: लखनऊ में दो दिनों तक चले भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य महोत्सव ‘क्लासिकल वॉइस ऑफ अवध 2026’ का शानदार आयोजन हुआ। 24 और 25 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद संगीत सीख रहे युवाओं को एक बड़ा मंच देन
Lucknow: लखनऊ में दो दिनों तक चले भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य महोत्सव ‘क्लासिकल वॉइस ऑफ अवध 2026’ का शानदार आयोजन हुआ। 24 और 25 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद संगीत सीख रहे युवाओं को एक बड़ा मंच देना और उन्हें प्रोत्साहित करना था। इस महोत्सव में शास्त्रीय परंपरा की ऐसी विविधता दिखी जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस आयोजन को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, संगीत मिलन और भातखंडे पूर्व छात्र संघ ने मिलकर पूरा किया। इन तीनों संस्थाओं ने साथ मिलकर भारतीय संगीत और नृत्य की पुरानी परंपराओं को बचाने और उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश की। प्रतियोगिता में लखनऊ के अलावा कानपुर, लखीमपुर खीरी, उन्नाव, अयोध्या, हरदोई, कन्नौज, गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, सीतापुर और रायबरेली जैसे जिलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता को अलग-अलग उम्र के हिसाब से तीन वर्गों में बांटा गया था। इसमें 9 से 14 साल के बच्चों के लिए कनिष्ठ वर्ग, 15 से 20 साल के लिए मध्य वर्ग और 21 से 28 साल के युवाओं के लिए वरिष्ठ वर्ग रखा गया था। कुल 80 से ज्यादा प्रतिभागियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया और अपनी कला का प्रदर्शन किया।
| क्षेत्र | प्रमुख विधाएं/वाद्ययंत्र |
|---|---|
| गायन | ख्याल, ध्रुपद और ठुमरी |
| वाद्य संगीत | जल तरंग, तबला, पखावज और सितार |
| नृत्य | कथक और भरतनाट्यम |
महोत्सव में जल तरंग की प्रस्तुति सबसे ज्यादा चर्चा में रही। इसके साथ ही तबला, पखावज और सितार की जुगलबंदी ने समां बांध दिया। सभी प्रस्तुतियों की जांच के लिए बड़े और प्रतिष्ठित निर्णायक मौजूद थे। इस प्रतियोगिता के विजेताओं को दिसंबर 2026 में लखनऊ में होने वाली नेशनल लेवल की संगीत प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।