UDAN Scheme के अगले फेज की तैयारी, 10 साल में 120 नए शहरों को मिलेगी हवाई कनेक्टिविटी, सरकार खर्च करेगी 29,000 करोड़

Delhi: आम आदमी के लिए हवाई सफर को सस्ता और आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने UDAN Scheme के अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक वर्कशॉप आयोजित की, जिसमें

Delhi: आम आदमी के लिए हवाई सफर को सस्ता और आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने UDAN Scheme के अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक वर्कशॉप आयोजित की, जिसमें इस योजना के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा हुई। इस योजना का मुख्य मकसद छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ना है ताकि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी आसानी से यात्रा कर सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को जोधपुर एयरपोर्ट से ‘Modified UDAN’ स्कीम की शुरुआत की थी। इसी के आधार पर अब अगले 10 सालों के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है। सरकार ने इस काम के लिए 29,000 करोड़ रुपये का बजट रखा है। लक्ष्य यह है कि अगले एक दशक में 120 नए डेस्टिनेशन को जोड़ा जाए, जिससे करीब 4 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे। साथ ही, 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपोर्ट विकसित करने का टारगेट रखा गया है।

नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने बताया कि पिछले 12 सालों में भारत में 90 नए एयरपोर्ट बने हैं, जिससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है। उन्होंने कहा कि संशोधित UDAN योजना को अगले 10 साल के लिए बढ़ा दिया गया है। हवाई किराए में होने वाले उतार-चढ़ाव पर उन्होंने कहा कि डायनेमिक फेयर प्राइसिंग एक अंतरराष्ट्रीय तरीका है, जो सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है।

इस नई योजना में एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं:

बिंदु नया नियम/बदलाव
VGF फंडिंग एयरलाइंस को मिलने वाली वित्तीय मदद 3 साल से बढ़ाकर 5 साल की गई है।
फंडिंग का तरीका पहले 2 साल 100%, फिर तीसरे साल 75%, चौथे साल 50% और पांचवें साल 25% फंडिंग मिलेगी।
एयरलाइन पात्रता अब रूट की बोली लगाने के लिए एयरलाइन के पास वैध Air Operator Permit (AOP) होना जरूरी है।
सीट क्षमता सब्सिडी वाली सीटों की सीमा विमान की क्षमता का 50% रहेगी।
एयरपोर्ट सपोर्ट नए एयरपोर्ट और हेलीपोर्ट के संचालन और स्टाफ के खर्च के लिए पहले 3 साल सरकारी मदद मिलेगी।
रूट प्राथमिकता राज्य सरकारों द्वारा सुझाए गए रूट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।

राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य टियर-II, टियर-III और दूरदराज के इलाकों में हवाई यात्रा को किफायती बनाना है। अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, पर्यटन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जो ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को पूरा करने में मदद करेगा।