Maharashtra : शहरों को बसाने और प्लानिंग के नाम पर अक्सर ऐसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है जिन्हें आम आदमी समझ नहीं पाता। मुंबई जैसे बड़े शहरों में शहरी नियोजन अब बुनियादी सुविधाओं के बजाय रियल एस्टेट स्कीमों
Maharashtra : शहरों को बसाने और प्लानिंग के नाम पर अक्सर ऐसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है जिन्हें आम आदमी समझ नहीं पाता। मुंबई जैसे बड़े शहरों में शहरी नियोजन अब बुनियादी सुविधाओं के बजाय रियल एस्टेट स्कीमों तक सिमट गया है। जानकारों का कहना है कि जब असली मकसद और बताए गए लक्ष्यों में अंतर होता है, तब जानबूझकर कठिन भाषा का प्रयोग किया जाता है।
मुंबई की प्लानिंग में क्या कमियां हैं?
अर्बन रिसर्चर Hussain Indorewala ने बताया कि मुंबई में प्लानिंग का मतलब अब सिर्फ रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स रह गया है। शहर में ट्रांसपोर्ट, सीवेज और पानी की सप्लाई जैसे जरूरी बुनियादी ढांचे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई के क्लाइमेट एक्शन प्लान में समुद्र के स्तर बढ़ने के खतरों को कम करके दिखाया गया है क्योंकि वहां सही डेटा की कमी है और आकलन राजनीतिक प्रभाव में किए गए हैं।
दुनिया भर में प्लानिंग की भाषा को सरल बनाने की कोशिशें
न्यूयॉर्क शहर (NYC) का डिपार्टमेंट ऑफ सिटी प्लानिंग अब आम लोगों के लिए भाषा को आसान बना रहा है। उन्होंने एक लैंग्वेज एक्सेस प्लान तैयार किया है ताकि अंग्रेजी न जानने वाले लोग भी जमीन के इस्तेमाल और प्लानिंग की प्रक्रिया को समझ सकें। वहीं, Esri के पार्टनर Houseal Lavigne ने ‘EuclidHL’ नाम का एक AI टूल बनाया है। यह टूल मुश्किल प्लानिंग और ज़ोनिंग दस्तावेजों को सरल भाषा, नक्शों और ग्राफिक्स के जरिए समझाता है।
प्लानिंग में इस्तेमाल होने वाले कुछ उलझाने वाले शब्द
शहरी नियोजन में अक्सर कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग होता है जो सुनने में अच्छे लगते हैं लेकिन उनका मतलब साफ नहीं होता। इनमें मुख्य रूप से ये शब्द शामिल हैं:
- Diversity और Multiculturalism
- Live, work, and play
- Tactical Urbanism और Placemaking
- Densification और Biophilic Design
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई की शहरी प्लानिंग को लेकर विशेषज्ञों की क्या राय है?
विशेषज्ञ Hussain Indorewala के अनुसार मुंबई में प्लानिंग अब बुनियादी ढांचे के बजाय रियल एस्टेट स्कीमों पर केंद्रित हो गई है और क्लाइमेट एक्शन प्लान में डेटा की कमी है।
प्लानिंग दस्तावेजों को समझने के लिए क्या नया तरीका आया है?
Esri के पार्टनर ने ‘EuclidHL’ नाम का AI टूल बनाया है जो मुश्किल ज़ोनिंग और प्लानिंग कागजों को सरल भाषा और मैप्स के जरिए आम जनता को समझाता है।