UP, Delhi और Haryana: भीषण गर्मी और हीटवेव के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। Medanta, Noida की पीडियाट्रिक केयर डायरेक्टर Dr. Shalini Tyagi ने माता-पिता को आगाह किया है कि बच्चे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रेस के
UP, Delhi और Haryana: भीषण गर्मी और हीटवेव के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। Medanta, Noida की पीडियाट्रिक केयर डायरेक्टर Dr. Shalini Tyagi ने माता-पिता को आगाह किया है कि बच्चे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रेस के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। बदलते मौसम में बच्चों की विशेष देखभाल और हाइड्रेशन की सख्त जरूरत है।
बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए क्या करें
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों को हर 30-40 मिनट में पानी पिलाते रहें। 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं को अतिरिक्त ब्रेस्ट मिल्क दें। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बच्चों को घर के अंदर ही रखें और उन्हें ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं। घर के अंदर का वातावरण ठंडा रखने की कोशिश करें ताकि बच्चों को राहत मिले।
विशेषज्ञों और सरकार की मुख्य गाइडलाइन्स
Ministry of Ayush ने 18 मई 2026 को एक पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। इसमें पर्याप्त हाइड्रेशन, मौसमी फलों का सेवन और इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थों पर जोर दिया गया है। AIIMS की Dr. Shefali Gulati के अनुसार, बच्चों में तापमान नियंत्रण की क्षमता कम होती है, इसलिए उन्हें ORS और छोटे-छोटे अंतराल पर भोजन देना चाहिए। Manipal Hospital की Dr. Mukta Agarwal ने बताया कि बच्चों का शरीर तेजी से गर्म होता है, इसलिए वे पूरी तरह देखभाल करने वालों पर निर्भर होते हैं।
अस्पतालों में बढ़ते मामले और जोखिम समूह
Delhi के LNJP, Max और Apollo जैसे कई अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के कारण बच्चों की संख्या बढ़ी है। UNICEF की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के बच्चे जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक गर्मी के कारण ‘अत्यधिक उच्च जोखिम’ की श्रेणी में हैं। खासतौर पर शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है। IMD के मौसम अपडेट्स का पालन करने की सलाह दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हीटवेव के दौरान बच्चों के लिए सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
सबसे जरूरी है कि बच्चों को हाइड्रेटेड रखा जाए। उन्हें हर 30-40 मिनट में पानी पिलाएं, हल्के सूती कपड़े पहनाएं और दोपहर 11 से 4 बजे के बीच धूप में बाहर न निकालें।
छोटे बच्चों में हीट स्ट्रेस के लक्षण क्यों जल्दी दिखते हैं?
AIIMS और Manipal Hospital के विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चों में शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कम होती है और उनका शरीर बड़ों की तुलना में तेजी से गर्म होता है।