UP: लखनऊ समेत देशभर के दवा कारोबारी ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। 20 मई को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है, जिससे थोक और खुदरा दवा दुकानें बंद रहेंगी। केमिस्टों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी क
UP: लखनऊ समेत देशभर के दवा कारोबारी ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। 20 मई को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है, जिससे थोक और खुदरा दवा दुकानें बंद रहेंगी। केमिस्टों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी के कारण मरीजों की जान जोखिम में है और छोटे दुकानदारों का धंधा चौपट हो रहा है।
हड़ताल क्यों हो रही है और मुख्य मांगें क्या हैं?
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन हो रहा है। दवा कारोबारियों का आरोप है कि ऑनलाइन कंपनियां बिना सही प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं बेच रही हैं, जिससे नकली दवाओं और स्वास्थ्य जोखिम का खतरा बढ़ गया है। उनकी मुख्य मांग है कि कोविड-19 के समय जारी की गई G.S.R. 220(E) अधिसूचना को वापस लिया जाए, जिसका फायदा अब ऑनलाइन कंपनियां उठा रही हैं। साथ ही, कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दी जाने वाली भारी छूट (Predatory Pricing) को रोकने की मांग की गई है ताकि छोटे केमिस्ट अपनी आजीविका बचा सकें।
हड़ताल का शेड्यूल और किन राज्यों पर पड़ेगा असर?
यह विरोध प्रदर्शन चरणबद्ध तरीके से चलेगा। 16 से 19 मई तक दवा दुकानदार काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताएंगे। 19 मई की देर रात से बिहार सहित कई राज्यों में हड़ताल शुरू हो जाएगी और 20 मई को पूरे देश में दवा दुकानें बंद रहेंगी। लखनऊ, संभल, पटना, मढ़ौरा, बोकारो और गढ़वा जैसे शहरों में दवा कारोबारियों ने इस हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया है। संभल में व्यापारी बाइक रैली निकालकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपेंगे।
आम जनता और मरीजों पर क्या होगा असर?
देशभर के करीब 12.4 लाख केमिस्ट इस आंदोलन का हिस्सा होंगे, जिससे आम लोगों को दवाएं खरीदने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं और जीवन रक्षक दवाओं के लिए सरकारी अस्पतालों से जुड़ी डिस्पेंसरियां और जन औषधि केंद्र खुले रह सकते हैं। AIOCD के अध्यक्ष जे.एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने चेतावनी दी है कि अगर 20 मई तक ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक चल सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
20 मई की हड़ताल से मरीजों पर क्या असर पड़ेगा?
इस दिन थोक और खुदरा दवा दुकानें बंद रहेंगी, जिससे सामान्य दवाएं मिलने में दिक्कत हो सकती है। लेकिन इमरजेंसी और जीवन रक्षक दवाओं के लिए सरकारी डिस्पेंसरियां और जन औषधि केंद्र खुले रह सकते हैं।
केमिस्ट ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध क्यों कर रहे हैं?
मुख्य कारण फर्जी प्रिस्क्रिप्शन से दवाओं की बिक्री, बिना लाइसेंस के संचालन और कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दी जाने वाली भारी छूट है, जिससे छोटे दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है।