Delhi के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में शुरू होगा B.Tech कोर्स, PM मोदी ने बताया दूरदर्शी कदम

Delhi: दिल्ली के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में अब छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी ने Artificial Intelligence (AI) और Data Science में B.Tech प्रोग्राम शुरू करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद

Delhi: दिल्ली के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में अब छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी ने Artificial Intelligence (AI) और Data Science में B.Tech प्रोग्राम शुरू करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस पहल की तारीफ करते हुए इसे भारत की प्राचीन परंपरा और आधुनिक तकनीक का एक शानदार मेल बताया है।

इस कोर्स की शुरुआत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से होगी। AICTE ने 29 मई 2026 को इस प्रोग्राम को अपनी मंजूरी दे दी थी। इस कोर्स के जरिए भारतीय भाषाओं के लिए नए AI समाधान तैयार किए जाएंगे और पुरानी पांडुलिपियों व ग्रंथों को सहेजने में तकनीक का इस्तेमाल होगा। आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 जून 2026 तय की गई है।

यह चार साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स National Education Policy (NEP) 2020 के तहत तैयार किया गया है। एडमिशन के लिए JEE और अन्य राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं का सहारा लिया जाएगा। इस कोर्स में दाखिले के लिए छात्र का 12वीं कक्षा में Physics, Chemistry और Mathematics (PCM) विषय के साथ पास होना जरूरी है।

कोर्स की खास बात यह है कि इसमें AI और Data Science के साथ-साथ संस्कृत का एक अतिरिक्त पेपर भी होगा। यह पेपर भाषा तकनीक और कंप्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स पर आधारित होगा। जिन छात्रों ने पहले संस्कृत नहीं पढ़ी है, उनके लिए बेसिक कम्युनिकेशन और रीडिंग स्किल का एक फाउंडेशन कोर्स शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।

विवरण जानकारी
कुल सीटें 60 (प्लस 10% EWS आरक्षण)
कोर्स की अवधि 4 वर्ष
योग्यता 12वीं (PCM के साथ)
प्रवेश माध्यम JEE और अन्य इंजीनियरिंग चैनल
शुरुआत सत्र 2026-27
मंजूरी संस्था AICTE

यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास वरखेड़ी ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है। वहीं रजिस्ट्रार प्रोफेसर आर. जी. मुरली कृष्णा ने साफ किया कि छात्रों को भाषा के बोझ से नहीं दबाया जाएगा और उन्हें इंडस्ट्री के हिसाब से AI और Data Science की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस कोर्स के बाद छात्र सामान्य AI फील्ड के साथ-साथ लैंग्वेज टेक्नोलॉजी जैसे विशेष क्षेत्रों में भी नौकरी पा सकेंगे।