Delhi में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जंतर-मंतर से हटे प्रदर्शनकारी, मेट्रो में मिला मुफ्त सफर

Delhi: प्रतियोगी परीक्षाओं और NEET-UG विवाद को लेकर मचे बवाल के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस खबर के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का प्रदर्शन खत्म हो गया और

Delhi: प्रतियोगी परीक्षाओं और NEET-UG विवाद को लेकर मचे बवाल के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस खबर के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का प्रदर्शन खत्म हो गया और माहौल धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और अपने घरों को लौटने की अपील की है।

धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा और इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी विवाद से ऊपर है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने 3 मई 2026 की NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ियों पर संज्ञान लिया, जिसके बाद सीबीआई जांच शुरू की गई और परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया गया। साथ ही, अगले साल से यह परीक्षा कंप्यूटर-आधारित परीक्षण (CBT) मोड में होगी।

प्रदर्शन खत्म होने के बाद दिल्ली पुलिस ने छात्रों की मदद के लिए दिल्ली मेट्रो में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने उन सभी प्रमुख स्टेशनों के गेट फिर से खोल दिए हैं जिन्हें सुरक्षा कारणों से बंद किया गया था। अब राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय जैसे स्टेशनों पर यात्री आसानी से आ-जा सकते हैं।

इस पूरे विवाद में कॉकरॉच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया था और सरकार के साथ बातचीत में भी शामिल रही। सरकार ने पहले ही शिक्षा सचिव को हटाने और NTA के 47 कर्मचारियों को बर्खास्त करने जैसे कड़े कदम उठाए हैं। पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने पर भी चर्चा चल रही है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस्तीफे की खुशी में जंतर-मंतर पर दोबारा भीड़ जमा न करें।