Delhi: भारत में Census 2027 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह आजादी के बाद 8वीं और 1872 के बाद से 16वीं जनगणना होगी। इस बार सरकार ने इसे पूरी तरह डिजिटल बना दिया है, जिससे लोग घर बैठे मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपन
Delhi: भारत में Census 2027 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह आजादी के बाद 8वीं और 1872 के बाद से 16वीं जनगणना होगी। इस बार सरकार ने इसे पूरी तरह डिजिटल बना दिया है, जिससे लोग घर बैठे मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी दे सकेंगे। हालांकि यह स्वैच्छिक है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सही डेटा मिलने से ही सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक सही तरीके से पहुंच पाएगा।
जनगणना 2027 में हिस्सा लेना क्यों जरूरी है?
जनगणना से मिलने वाला डेटा सरकार के लिए नीतियां बनाने और बजट तय करने का आधार होता है। पिछले कई सालों से सरकार 2011 के पुराने आंकड़ों के भरोसे काम कर रही है, जिससे स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों की प्लानिंग में दिक्कत आती है। इस बार पहली बार 1931 के बाद अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के अलावा अन्य जातियों का भी डेटा इकट्ठा किया जाएगा। इससे यह पता चलेगा कि सरकारी योजनाओं का फायदा किसे मिल रहा है और कौन अब भी पीछे है। साथ ही, इसी डेटा के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण (Delimitation) भी होगा।
डिजिटल जनगणना के नियम और जरूरी तारीखें क्या हैं?
यह पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण हाउस लिस्टिंग (HLO) है, जो 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें घर की स्थिति और सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी। दिल्ली जैसे शहरों में 1 मई से 15 मई 2026 तक ऑनलाइन सेल्फ-एन्युमरेशन का मौका दिया गया है। दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें व्यक्ति का नाम, उम्र, शिक्षा और जाति जैसी निजी जानकारियां ली जाएंगी। पहाड़ी इलाकों जैसे Uttarakhand, Himachal और Jammu & Kashmir के लिए रेफरेंस डेट 1 अक्टूबर 2026 रखी गई है।
क्या आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी?
बहुत से लोगों के मन में प्राइवेसी को लेकर डर रहता है। सरकार ने साफ किया है कि Census Act 1948 की धारा 15 के तहत आपकी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। इस डेटा का इस्तेमाल किसी पुलिस जांच या कानूनी कार्यवाही के लिए नहीं किया जा सकता। सरकार केवल कुल आंकड़ों (Aggregate Data) को ही सार्वजनिक करेगी। साथ ही, दिल्ली प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि जनगणना के नाम पर किसी भी जालसाज को अपनी संवेदनशील जानकारी न दें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या जनगणना 2027 में हिस्सा लेना अनिवार्य है?
डिजिटल सेल्फ-एन्युमरेशन चरण को स्वैच्छिक बताया गया है, लेकिन इसे पूरी तरह पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जो लोग खुद फॉर्म नहीं भरेंगे, उनके घर जनगणना अधिकारी (Enumerators) आकर जानकारी लेंगे।
जनगणना के दो चरण क्या हैं और कब होंगे?
पहला चरण हाउस लिस्टिंग (HLO) अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें मकानों की जानकारी ली जाएगी। दूसरा चरण जनसंख्या गणना (PE) फरवरी 2027 में होगा, जिसमें व्यक्तिगत विवरण लिए जाएंगे।