CBSE और NCERT ने कक्षा 9 की नई किताबों के लिए शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण, बदल जाएगा परीक्षा का तरीका

Delhi: CBSE और NCERT ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए गणित और विज्ञान की नई किताबों को लागू करने के लिए शिक्षकों के साथ एक ओरिएंटेशन वर्कशॉप की। यह वर्कशॉप 20 जुलाई 2026 को आयोजित की गई ताकि टीचर नई किताबों को क्लास में सही

Delhi: CBSE और NCERT ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए गणित और विज्ञान की नई किताबों को लागू करने के लिए शिक्षकों के साथ एक ओरिएंटेशन वर्कशॉप की। यह वर्कशॉप 20 जुलाई 2026 को आयोजित की गई ताकि टीचर नई किताबों को क्लास में सही तरीके से पढ़ा सकें। इन नई किताबों को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF-SE 2023) के हिसाब से तैयार किया गया है।

इन नई किताबों का मुख्य मकसद रटने की आदत को खत्म करना और बच्चों में कॉन्सेप्ट को समझने की क्षमता बढ़ाना है। अब पढ़ाई केवल याद करने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसे असल जिंदगी के उदाहरणों से जोड़कर सिखाया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 की आंतरिक परीक्षाओं (Internal Exams) में ओपन-बुक फॉर्मेट शुरू किया जाएगा जिससे बच्चों की सोचने और समझने की क्षमता बढ़ेगी।

NCERT ने किताबों के नाम भी बदल दिए हैं। गणित की किताब का नाम ‘गणित मंजरी’, विज्ञान की ‘Exploration’, अंग्रेजी की ‘Kaveri’, हिंदी की ‘Ganga’ और सामाजिक विज्ञान की किताब का नाम ‘Understanding Society: India & Beyond’ रखा गया है। सामाजिक विज्ञान की किताब में पहली बार 1975-77 के ‘आपातकाल’ (Emergency) के बारे में जानकारी दी गई है जिसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बताया गया है।

विषय नई किताब का नाम उपलब्धता/खास बात
गणित गणित मंजरी अगस्त 2026 तक पूर्ण उपलब्ध
विज्ञान Exploration NEP 2020 पर आधारित
अंग्रेजी Kaveri नया पाठ्यक्रम
हिंदी Ganga नया पाठ्यक्रम
सामाजिक विज्ञान Understanding Society: India & Beyond आपातकाल का जिक्र शामिल

NCERT सचिव हिमांशु गुप्ता और डायरेक्टर दिनेश प्रसाद सकलानी ने बताया कि ये किताबें एक कड़ी समीक्षा प्रक्रिया के बाद तैयार की गई हैं। CBSE चेयरमैन राहुल सिंह ने स्कूलों को सलाह दी है कि अगर भौतिक किताबें मिलने में देरी हो रही है, तो भी सिलेबस के आधार पर पढ़ाई शुरू कर दें। साथ ही NCERT ने चेतावनी जारी की है कि लोग केवल आधिकारिक स्रोतों से ही किताबें खरीदें और इंटरनेट पर चल रही फर्जी या पायरेटेड किताबों से बचें।

नए नियमों के तहत अब कक्षा 6 से तीसरी भाषा अनिवार्य होगी और कक्षा 9 और 10 में वोकेशनल, आर्ट, हेल्थ और वेलबीइंग की पढ़ाई अनिवार्य की गई है।