CBSE ने कक्षा 9 के लिए ‘कौशल विकास’ विषय किया अनिवार्य, स्कूलों में बढ़ी चिंता
Delhi: CBSE ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए वोकेशनल एजुकेशन यानी ‘कौशल विकास’ को अब अनिवार्य कर दिया है। पहले यह विषय छात्रों के लिए वैकल्पिक था, लेकिन अब इसे अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। यह बदलाव शैक्षणिक वर्ष
Delhi: CBSE ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए वोकेशनल एजुकेशन यानी ‘कौशल विकास’ को अब अनिवार्य कर दिया है। पहले यह विषय छात्रों के लिए वैकल्पिक था, लेकिन अब इसे अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। यह बदलाव शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लागू होगा, जिससे देशभर के स्कूलों और अभिभावकों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।
यह फैसला नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF-SE) 2023 के तहत लिया गया है। बोर्ड का मकसद छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल सिखाना है। 2 अप्रैल 2026 को कक्षा 9 और 10 के लिए नया पाठ्यक्रम जारी किया गया था। शुरुआती तौर पर इन विषयों का मूल्यांकन इंटरनल असेसमेंट के जरिए होगा, लेकिन 2027-28 से इसे कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में भी शामिल किया जा सकता है।
इस नए नियम को लेकर कई शहरों के स्कूलों में चिंता देखी जा रही है। बेंगलुरु जैसे शहरों के प्रिंसिपल्स का कहना है कि वोकेशनल विषयों के लिए योग्य शिक्षकों को ढूंढना एक बड़ी चुनौती होगी। साथ ही, स्कूलों को अपने टाइम-टेबल में बदलाव करना होगा। अभिभावकों और शिक्षकों को डर है कि इससे छात्रों पर पढ़ाई का बोझ बढ़ जाएगा, खासकर उन बच्चों के लिए जो NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
NCERT ने कक्षा 9 के लिए ड्राफ्ट सिलेबस जारी कर दिया है और मार्च 2026 तक नई किताबें आने की उम्मीद है। इस विषय के लिए एक साल में कुल 110 घंटे या 132 पीरियड तय किए गए हैं। शिक्षकों को तैयार करने के लिए जनवरी 2026 में क्षमता निर्माण कार्यक्रम (CBP) भी चलाए गए थे, ताकि कक्षा 6 से 8 तक ‘कौशल बोध’ एक्टिविटी बुक्स का सही इस्तेमाल हो सके।
करियर गाइडेंस इंडिया के परविन मल्होत्रा ने कहा कि कुशल शिक्षकों की कमी इस पूरी योजना के लागू होने में बाधा बन सकती है। वहीं, CBSE चेयरमैन राहुल सिंह ने स्पष्ट किया कि तीन भाषाओं वाला फॉर्मूला कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा के लिए 2031 तक पूरी तरह लागू होगा।