Delhi: सीबीएसई (CBSE) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसमें दिल्ली के शाहदरा के रहने वाले 12वीं के छात्र तनिष्क वत्स को खाली मार्कशीट दे दी गई। मार्कशीट में विषयों के नाम और कोड तो थे लेकिन अंक कहीं नहीं लिखे थे। इस घटन
Delhi: सीबीएसई (CBSE) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसमें दिल्ली के शाहदरा के रहने वाले 12वीं के छात्र तनिष्क वत्स को खाली मार्कशीट दे दी गई। मार्कशीट में विषयों के नाम और कोड तो थे लेकिन अंक कहीं नहीं लिखे थे। इस घटना ने बोर्ड के रिजल्ट सिस्टम और तकनीकी तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र और उसके परिवार को इस गलती को सुधारने के लिए काफी मानसिक तनाव और परेशानी झेलनी पड़ी।
ब्लैंक मार्कशीट और पुनर्मूल्यांकन में क्या हुई दिक्कतें
तनिष्क को शुरुआती शिकायत के बाद संशोधित मार्कशीट मिली जिसमें कुल 76% और टॉप 5 विषयों में 81% अंक थे। हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। जब छात्र ने 6 उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी मांगी, तो उसे केवल 5 ही मिलीं। पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर तकनीकी मैसेज आने की वजह से वह समय पर आवेदन नहीं कर पाया। सीबीएसई ने इस पर सफाई दी कि स्कैनिंग के दौरान स्याही ठीक से न पकड़ने या तकनीकी समस्या की वजह से ऐसा हुआ होगा।
OSM सिस्टम में गड़बड़ी और साइबर हमलों का सच
बोर्ड ने माना है कि कक्षा 12 के लिए शुरू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में कुछ त्रुटियां थीं। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने बताया कि करीब 98 लाख प्रतियों में से 13,000 प्रतियों की मैन्युअल जांच करनी पड़ी क्योंकि सिस्टम उन्हें सही से प्रोसेस नहीं कर पाया था। इसके अलावा, 2 से 4 जून 2026 के बीच पोर्टल पर ‘डिनायल-ऑफ-सर्विस’ (DoS) साइबर हमले हुए जिनमें 38 लाख डेटा पैकेट शामिल थे। बोर्ड ने इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट में दर्ज कराई है।
बोर्ड ने सुधार के लिए क्या कदम उठाए
तकनीकी समस्याओं को देखते हुए सीबीएसई ने निजी प्लेटफॉर्म ‘ऑनमार्क’ का इस्तेमाल बंद कर दिया है और पूरी प्रक्रिया को अपने सर्वर पर शिफ्ट किया है। इस काम में आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं। जिन छात्रों से तकनीकी गड़बड़ी के कारण ज्यादा फीस ली गई थी, उन्हें रिफंड देने की घोषणा की गई है। विवादों के बीच सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से हटाकर स्थानांतरित कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सीबीएसई ने मार्कशीट में अंकों की गलती का क्या कारण बताया?
बोर्ड के अनुसार, उत्तर पुस्तिका स्कैन करते समय तकनीकी समस्या आई होगी या छात्र द्वारा इस्तेमाल की गई स्याही ठीक से स्कैन नहीं हो पाई होगी। कुछ मामलों में छात्रों द्वारा ज्यादा प्रश्न हल करने पर ‘बेहतर अंक’ वाली नीति के कारण भी विसंगतियां दिखीं।
पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में क्या बदलाव किए गए हैं?
सुरक्षा और तकनीकी कारणों से सीबीएसई ने निजी प्लेटफॉर्म ‘ऑनमार्क’ का उपयोग बंद कर दिया है। अब पूरी प्रक्रिया बोर्ड के अपने नियंत्रित सर्वर पर संचालित की जा रही है और आईआईटी के विशेषज्ञ इसमें सहायता कर रहे हैं।