Delhi: Rau’s IAS हादसे में CBI की रिपोर्ट, MCD के दो अधिकारियों की लापरवाही आई सामने, दो सीनियर अफसरों को मिली क्लीन चिट

Delhi: ओल्ड राजेंद्र नगर के Rau’s IAS स्टडी सर्कल के बेसमेंट में डूबने से तीन UPSC छात्रों की मौत के मामले में CBI ने अपनी सप्लीमेंट्री फाइनल रिपोर्ट दाखिल की है। जांच में MCD के दो अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामन

Delhi: ओल्ड राजेंद्र नगर के Rau’s IAS स्टडी सर्कल के बेसमेंट में डूबने से तीन UPSC छात्रों की मौत के मामले में CBI ने अपनी सप्लीमेंट्री फाइनल रिपोर्ट दाखिल की है। जांच में MCD के दो अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जबकि दो सीनियर अधिकारियों को किसी भी आपराधिक गलती के सबूत न मिलने के कारण क्लीन चिट दे दी गई है।

CBI की रिपोर्ट के मुताबिक, असिस्टेंट इंजीनियर राजीव कुमार जैन और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कुमार महेंद्र ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती। हालांकि, इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए जरूरी मंजूरी (sanction for prosecution) नहीं मिली है, इसलिए उन्हें अभी चार्जशीट नहीं किया गया है। वहीं, करोल बाग जोन के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर कुमार अभिषेक और सुपरइंटेंडिंग इंजीनियर अजय नागपाल को इस मामले में क्लीन चिट मिली है।

जांच में यह बात साफ हुई कि जिस बेसमेंट में कोचिंग सेंटर चल रहा था, वह सिर्फ घर के सामान रखने और पार्किंग के लिए मंजूर था। वहां पढ़ाई या कोचिंग सेंटर चलाने की अनुमति नहीं थी। न तो इसके लिए कोई कन्वर्जन चार्ज दिया गया और न ही फायर विभाग से जरूरी क्लीयरेंस लिया गया था। रिपोर्ट में बताया गया कि MCD अधिकारियों को पता था कि बेसमेंट का इस्तेमाल एग्जाम हॉल और कोचिंग के लिए हो रहा है, फिर भी सरकारी कागजों में इसे स्टोरेज के तौर पर ही दिखाया गया।

इससे पहले MCD के जूनियर इंजीनियर अर्णव कुमार दत्ता को चार्जशीट किया जा चुका है, क्योंकि उन्होंने कई बार निरीक्षण करने के बाद भी बेसमेंट के कमर्शियल इस्तेमाल की रिपोर्ट नहीं दी थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने अगस्त 2024 में इस केस को दिल्ली पुलिस से CBI को ट्रांसफर करते हुए MCD की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल उठाए थे। अब इस क्लोजर रिपोर्ट पर दिल्ली की अदालत 28 जुलाई 2026 को विचार करेगी।