Finance : मुंबई में शनिवार, 9 मई 2026 को CBI ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले Reliance ADA Group से जुड़े 17 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई बैंकों और LIC के साथ हुए करीब 27,337 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ी है।
Finance : मुंबई में शनिवार, 9 मई 2026 को CBI ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले Reliance ADA Group से जुड़े 17 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई बैंकों और LIC के साथ हुए करीब 27,337 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ी है। सीबीआई ने यह कदम मुंबई की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट से मिले वारंट के बाद उठाया है।
CBI ने छापेमारी में क्या पाया और क्यों की कार्रवाई?
सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि छापेमारी कंपनी के डायरेक्टर्स के घरों और उन बिचौलिया कंपनियों के दफ्तरों पर की गई, जिनके जरिए बैंक के पैसों को दूसरी जगह डायवर्ट किया गया था। जांच में यह बात सामने आई है कि कई फर्जी कंपनियां एक ही पते से काम कर रही थीं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने कई जरूरी दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
किन कंपनियों और लोगों पर है जांच का शिकंजा?
इस मामले में Reliance Telecom Ltd, Reliance Commercial Finance Ltd और Reliance Home Finance Ltd जैसी कंपनियों के साथ-साथ उनके डायरेक्टर्स की जांच हो रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट भी पूरी जांच की निगरानी कर रहा है।
- कुल कथित घोटाला: ₹27,337 करोड़
- शिकायतकर्ता: LIC और कई सरकारी बैंक
- कुल मामले: पिछले कुछ महीनों में 7 केस दर्ज
- हालिया गिरफ्तारियां: डी. विश्वनाथ और अनिल कालिया (Reliance Communications के अधिकारी)
अब तक की बड़ी कार्रवाई और अपडेट
इस केस में सीबीआई पहले ही कड़ा एक्शन ले चुकी है। 20 अप्रैल 2026 को रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो सीनियर अधिकारियों, डी. विश्वनाथ (बैंकिंग ऑपरेशंस प्रभारी) और अनिल कालिया (वाइस प्रेसिडेंट) को गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल जेल में हैं। सीबीआई का कहना है कि बैंक से लिए गए लोन को जटिल लेनदेन के जरिए घुमाया गया, जिसकी जांच अभी जारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Reliance ADA Group पर कितना फ्रॉड का आरोप है?
Reliance ADA Group पर सरकारी बैंकों और LIC के साथ मिलकर कुल 27,337 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले और फंड डायवर्जन का आरोप है।
CBI ने मुंबई में कहां-कहां छापेमारी की?
CBI ने मुंबई में कुल 17 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कंपनी डायरेक्टर्स के घर और फंड डायवर्ट करने वाली बिचौलिया कंपनियों के ऑफिस शामिल थे।