Finance : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करोड़ों रुपये के घोटाले में फंसे मनोज खरात की मुश्किलें बढ़ गई हैं। CBI ने कोर्ट में जवाब दाखिल कर खरात को केस से बरी करने की मांग वाली याचिका का कड़ा विरोध किया है। एजेंसी का कहना है
Finance : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करोड़ों रुपये के घोटाले में फंसे मनोज खरात की मुश्किलें बढ़ गई हैं। CBI ने कोर्ट में जवाब दाखिल कर खरात को केस से बरी करने की मांग वाली याचिका का कड़ा विरोध किया है। एजेंसी का कहना है कि खरात को गलत तरीके से जारी किए गए LOUs की पूरी जानकारी थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 जून को मुंबई की अदालत में होगी।
मनोज खरात ने अपने बचाव में क्या कहा?
मनोज खरात के वकील असित चवारे ने दलील दी है कि उनका काम सिर्फ अपने सीनियर गोकुलनाथ शेट्टी के आदेश पर SWIFT मैसेज टाइप करना था। खरात का कहना है कि उनके पास लोन मंजूर करने या गारंटी जारी करने का कोई अधिकार नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें इस बात का पता नहीं था कि LOUs बिना किसी मंजूरी या डिपॉजिट के जारी किए जा रहे थे। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे घोटाले से उन्हें कोई आर्थिक फायदा नहीं हुआ है।
CBI का आरोप और घोटाले का तरीका
CBI का आरोप है कि मनोज खरात को पता था कि बैंकिंग नियमों को ताक पर रखकर गैरकानूनी तरीके से LOUs जारी किए जा रहे थे। इस घोटाले में बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) को दरकिनार किया गया ताकि धोखाधड़ी पकड़ी न जा सके।
| विवरण |
जानकारी |
| घोटाले की अवधि |
2011 से 2017 |
| कुल LOUs की संख्या |
1214 |
| कुल राशि |
लगभग 23,780 करोड़ रुपये |
| मुख्य आरोपी |
Nirav Modi और Mehul Choksi |
| संबंधित फर्में |
Diamond R US, Stellar Diamond, Solar Export |
क्या खरात को राहत मिल सकती है?
खरात की टीम एक पुराने फैसले का हवाला दे रही है, जिसमें PNB के पूर्व कार्यकारी निदेशक K.V. ब्रह्माजी राव को 13 सितंबर 2025 को बरी किया गया था। उस समय कोर्ट ने कहा था कि अगर किसी व्यक्ति की नीयत खराब नहीं थी, तो सिर्फ लापरवाही के लिए उसे अपराधी नहीं माना जा सकता। खरात का कहना है कि PNB की ब्रैडी हाउस ब्रांच में उनके आने से पहले ही बिना मार्जिन के LOUs जारी करने का चलन था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मनोज खरात कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
मनोज खरात PNB की ब्रैडी हाउस ब्रांच में सिंगल-विंडो ऑपरेटर थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने निरव मोदी की फर्मों के लिए नियमों के खिलाफ जाकर फर्जी LOUs जारी करने में मदद की।
PNB घोटाले में LOUs का क्या रोल था?
इस घोटाले में बैंक अधिकारियों ने बिना किसी गारंटी या डिपॉजिट के 1214 LOUs जारी किए, जिनकी कुल कीमत करीब 23,780 करोड़ रुपये थी। इन्हें बैंक के मुख्य सिस्टम में दर्ज नहीं किया गया था।