Delhi: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक करीबी रिश्तेदार से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। यह पूरा मामला सरकारी नाली निर्माण के ठेके में हुई धोखाधड़ी से
Delhi: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक करीबी रिश्तेदार से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। यह पूरा मामला सरकारी नाली निर्माण के ठेके में हुई धोखाधड़ी से जुड़ा है। रविवार, 26 अप्रैल 2026 को दर्ज की गई इस FIR में सरकारी खजाने को चूना लगाने और नियमों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
क्या है पूरा मामला और किन पर लगे हैं आरोप?
आरोप है कि दिवंगत ठेकेदार सुरेंद्र कुमार बंसल ने साल 2015-16 में अलग-अलग कंपनियों के नाम पर नाली निर्माण के सरकारी ठेके लिए थे। बंसल ने इन ठेकों का भुगतान तो ले लिया, लेकिन काम कभी पूरा नहीं किया। जांच में सामने आया कि बंसल ने ‘कमल सिंह’ नाम की कंपनी और ‘भारद्वाज एंटरप्राइजेज’ के फर्जी बिलों का इस्तेमाल करके सरकारी पैसों का गबन किया। इसी वजह से CBI ने कमल सिंह कंपनी के खिलाफ भी एक अलग FIR दर्ज की है।
केजरीवाल की भूमिका और CBI की जांच
CBI का कहना है कि अरविंद केजरीवाल के प्रभाव के कारण तकनीकी मानकों में बदलाव किया गया, जिससे बंसल को बाजार भाव से 46 प्रतिशत कम कीमत पर काम मिला। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पद का गलत इस्तेमाल कर बंसल और अपने अन्य रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाया, इसलिए उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, सुरेंद्र कुमार बंसल का निधन साल 2017 में ही हो गया था।
ACB से CBI के पास कैसे पहुंचा मामला?
इस मामले की शुरुआती जांच दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो (ACB) कर रही थी। पिछले साल सितंबर 2025 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस केस को ACB से लेकर CBI को सौंप दिया था। दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी (AAP) ने 2024 में ही इन सभी आरोपों को गलत और राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह भ्रष्टाचार मामला किस बारे में है?
यह मामला 2015-16 के दौरान नाली निर्माण के सरकारी ठेकों में हुई धोखाधड़ी और फर्जी बिलों के जरिए सरकारी पैसों के गबन से जुड़ा है।
मुख्य आरोपी कौन है और अब उसकी स्थिति क्या है?
मुख्य आरोपी सुरेंद्र कुमार बंसल थे, जो अरविंद केजरीवाल के करीबी रिश्तेदार बताए जाते हैं। उनका निधन साल 2017 में हो गया था।