Delhi: सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर सुभाष यादव को गिरफ्तार कर लिया है। यह इंस्पेक्टर करीब 49 लाख रुपये के कैश मामले के बाद से फरार चल रहा था। मंगलवार, 12 मई 2026 को उसे कोर्ट में पेश किया गया। यह पूरा मामला रिश्व
Delhi: सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर सुभाष यादव को गिरफ्तार कर लिया है। यह इंस्पेक्टर करीब 49 लाख रुपये के कैश मामले के बाद से फरार चल रहा था। मंगलवार, 12 मई 2026 को उसे कोर्ट में पेश किया गया। यह पूरा मामला रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ है जिसमें अब बड़े अधिकारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई गिरफ्तारी?
इस केस की शुरुआत 20 अप्रैल 2026 को हुई जब उत्तम नगर की एक महिला ने सीबीआई में शिकायत की। महिला ने बताया कि नारकोटिक्स विभाग के कुछ अधिकारियों ने उसके घर छापा मारा और उसे गांजे के केस में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगी। इसके बाद 22 अप्रैल को सीबीआई ने जाल बिछाया और हेड कांस्टेबल अजय को 2 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। जब द्वारका एंटी-नारकोटिक्स सेल ऑफिस में तलाशी ली गई, तो इंस्पेक्टर सुभाष यादव के कमरे से 48.9 लाख रुपये कैश मिले।
बड़े अधिकारियों पर शक और PMO को रिपोर्ट
सीबीआई की जांच अब सिर्फ निचले कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही है। एजेंसी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी है जिसमें तीन IPS अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें एक सीनियर IPS ऑफिसर और द्वारका जिले के दो पूर्व DCP शामिल हैं। आरोप है कि ये अधिकारी यादव के नेटवर्क से जुड़े थे और एक पूर्व DCP ने तो यादव को शुरुआती मदद देने की भी कोशिश की थी।
100 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन की जांच
सीबीआई ने जांच में पाया है कि 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के संदिग्ध लेनदेन हुए हैं। अब जांच टीम यह पता लगा रही है कि इस भ्रष्टाचार के साम्राज्य को कैसे खड़ा किया गया और रिश्वत के पैसों को कहां निवेश किया गया। इसके लिए बैंक खातों, प्रॉपर्टी के कागजात और फोन रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। सीबीआई ने साफ किया है कि सरकारी पदों पर बैठे लोगों द्वारा ली जाने वाली अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इंस्पेक्टर सुभाष यादव को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है?
सुभाष यादव पर रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के नेटवर्क को चलाने का आरोप है। उनके कमरे से 48.9 लाख रुपये कैश मिले थे और वे इस मामले के बाद से फरार थे।
इस केस में किन बड़े अधिकारियों के नाम सामने आए हैं?
सीबीआई ने PMO को भेजी रिपोर्ट में तीन IPS अधिकारियों का जिक्र किया है, जिनमें एक सीनियर IPS और द्वारका जिले के दो पूर्व DCP शामिल हैं।