Digital Arrest के नाम पर ठगी, CBI ने गुजरात से हरियाणा के शख्स को किया गिरफ्तार
MP/Gujarat: सीबीआई ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए एक बुजुर्ग शख्स से लाखों रुपये ठगने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पीड़ित को डरा-धमकाकर उनके बैंक खातों से 25.65 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए थे। इस मामल
MP/Gujarat: सीबीआई ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए एक बुजुर्ग शख्स से लाखों रुपये ठगने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पीड़ित को डरा-धमकाकर उनके बैंक खातों से 25.65 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए थे। इस मामले में सीबीआई ने गुजरात के राजकोट से हरियाणा के रहने वाले शंकर पंसारी को पकड़ा है।
यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के भोपाल से शुरू हुआ था, जहाँ राज्य साइबर क्राइम पुलिस ने केस दर्ज किया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। ठगों ने खुद को सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी एजेंसी का अधिकारी बताया था। उन्होंने बुजुर्ग व्यक्ति को झूठ बोला कि उनका बैंक खाता आतंकवाद की गतिविधियों में शामिल है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। अपनी बात को सच दिखाने के लिए जालसाजों ने पीड़ित को एक फर्जी अटैचमेंट ऑर्डर भी भेजा था।
सीबीआई ने इस कार्रवाई के बाद पीड़ित बुजुर्ग को 2.65 लाख रुपये वापस दिलाने में मदद की है। एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल था और ठगी के पैसे कहाँ-कहाँ भेजे गए।
सीबीआई ने आम जनता के लिए कुछ जरूरी बातें साझा की हैं ताकि लोग ऐसे फ्रॉड से बच सकें:
- कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर जांच नहीं करती है।
- कानून लागू करने वाली एजेंसियां फोन पर पैसे की मांग नहीं करती हैं।
- कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई शब्द या नियम नहीं है।
- अगर कोई ऐसी मांग करे तो तुरंत बैंक को सूचित कर ट्रांजेक्शन फ्रीज कराएं।
- नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।