Bihar के भागलपुर में कैंसर का कहर, सबौर के भिट्ठी गांव में पानी और पर्यावरण की जांच की मांग
Bhagalpur: भागलपुर जिले का सबौर प्रखंड इन दिनों एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। यहां के सुल्तानपुर भिट्टी गांव में कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। हाल ही में आय
Bhagalpur: भागलपुर जिले का सबौर प्रखंड इन दिनों एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। यहां के सुल्तानपुर भिट्टी गांव में कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। हाल ही में आयोजित एक विशेष जांच शिविर में 27 मरीजों की जांच की गई, जिसने इस इलाके की डरावनी स्थिति को एक बार फिर सबके सामने ला दिया है।
गांव के लोग और सामाजिक कार्यकर्ता लंबे समय से यहां के पानी और पर्यावरण की वैज्ञानिक जांच की मांग कर रहे हैं। आशंका है कि दूषित और आर्सेनिक युक्त पानी ही इस बीमारी की मुख्य वजह है। इससे पहले पीएचईडी (PHED) की टीम ने गांव के सात अलग-अलग स्थानों से पानी के सैंपल लिए थे। उस जांच में आर्सेनिक तो तय सीमा के अंदर मिला था, लेकिन फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा पाई गई थी। अब मुखिया सुनील कुमार चौधरी और स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि सरकारी बोरिंग के अलावा हर घर के पानी की जांच हो और फिल्टर लगाए जाएं।
इस समस्या की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अक्टूबर 2022 के एक शिविर में 8 नए मरीज मिले थे और तब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी थी। मार्च 2023 तक दास टोला में मरने वालों की संख्या 10 पहुंच गई। फरवरी 2023 में हुए एक अन्य शिविर में 190 लोगों की जांच हुई, जिसमें 11 लोग संदिग्ध पाए गए और 18 लोगों के मुंह के स्वरूप में बदलाव देखा गया।
इलाके में इलाज की सुविधाओं का अभाव है। भागलपुर के सरकारी अस्पतालों में कैंसर के इलाज की पूरी सुविधा नहीं है, इसलिए शुरुआती जांच के बाद मरीजों को पटना के महावीर संस्थान जैसे बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। गरीबी और जानकारी की कमी के कारण कई लोग बीच में ही इलाज छोड़ देते हैं। हालांकि, प्रशासन ने कुछ कदम उठाए हैं। सुल्तानपुर भिट्टी में उप-स्वास्थ्य केंद्र खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई है और भागलपुर में एक कैंसर अस्पताल बनाने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक भी हुई है।