Bihar: बक्सर में वीर कुंवर सिंह पुल के समानांतर बने नए पुल की हालत चिंताजनक होती जा रही है। उत्तर प्रदेश के भरौली में लगने वाले जाम की वजह से बालू से लदे भारी वाहन लंबे समय तक पुल पर खड़े रह रहे हैं। इस वजह से पुल की क्ष
Bihar: बक्सर में वीर कुंवर सिंह पुल के समानांतर बने नए पुल की हालत चिंताजनक होती जा रही है। उत्तर प्रदेश के भरौली में लगने वाले जाम की वजह से बालू से लदे भारी वाहन लंबे समय तक पुल पर खड़े रह रहे हैं। इस वजह से पुल की क्षमता और उसके सस्पेंशन पर बुरा असर पड़ने की आशंका है, जिससे भविष्य में बड़ा खतरा हो सकता है।
पुल पर खतरा क्यों बढ़ रहा है?
भरौली में ट्रैफिक जाम होने के कारण भारी गाड़ियां पुल के ऊपर ही रुक जाती हैं। पुल को ‘रनिंग लोड’ यानी चलते हुए वाहनों के हिसाब से बनाया जाता है, लेकिन जब भारी वाहन एक ही जगह घंटों खड़े रहते हैं, तो यह ‘स्टैटिक लोड’ बन जाता है। इससे पुल की क्वालिटी, सस्पेंशन और वजन सहने की क्षमता कम हो सकती है।
PWD इंजीनियर ने क्या कहा?
PWD बक्सर के कार्यपालक अभियंता Sanjay Kumar ने बताया कि पुलों का निर्माण इस आधार पर होता है कि वाहन उस पर से गुजरेंगे। अगर भारी गाड़ियां पुल पर लंबे समय तक खड़ी रहती हैं, तो इसकी बेयरिंग और स्ट्रक्चरल मजबूती पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रिपोर्ट के मुताबिक जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहा है।
जाम से राहत के लिए क्या हो रहा है?
बक्सर और भरौली के बीच ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए एक तीसरा तीन-लेन पुल बनाया जा रहा है। यह नया प्रोजेक्ट NH-922 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। दिसंबर 2025 में मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने इस काम का हवाई सर्वेक्षण किया था और अधिकारियों को इसे समय पर पूरा करने का निर्देश दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बक्सर के नए पुल पर खतरा क्यों बढ़ गया है?
भरौली जाम के कारण बालू लदे भारी वाहन पुल पर लंबे समय तक खड़े रहते हैं, जिससे पुल के सस्पेंशन और उसकी वजन सहने की क्षमता पर बुरा असर पड़ रहा है।
जाम की समस्या को दूर करने के लिए क्या उपाय किया जा रहा है?
बक्सर और भरौली के बीच एक तीसरा तीन-लेन पुल बनाया जा रहा है, जो NH-922 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा ताकि ट्रैफिक का दबाव कम हो सके।