UP और Delhi के बीच चलेगी बुलेट ट्रेन, नोएडा से लखनऊ का सफर होगा आसान, रेल मंत्री ने बताया पूरा प्लान

UP/Delhi: उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच यात्रा करने वालों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। अब नोएडा से लखनऊ का सफर बहुत कम समय में पूरा होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर में एक इलेक्ट्रॉनि

UP/Delhi: उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच यात्रा करने वालों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। अब नोएडा से लखनऊ का सफर बहुत कम समय में पूरा होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर में एक इलेक्ट्रॉनिक्स प्लांट के शिलान्यास के दौरान दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की जानकारी साझा की। इस प्रोजेक्ट से न केवल समय बचेगा बल्कि यूपी के कई शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषित किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। जेवर में बन रहे नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाया जा रहा है। इसका मतलब है कि यहाँ एक ही जगह पर हवाई अड्डा, बुलेट ट्रेन, नमो भारत रैपिड रेल, मेट्रो और बस टर्मिनल जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

इस कॉरिडोर की रफ्तार और समय की जानकारी नीचे दी गई है:

यात्रा का रूट अनुमानित समय
दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 10 मिनट
जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ 1 घंटा 40 मिनट
दिल्ली से जेवर लगभग 21 मिनट
दिल्ली से वाराणसी 3.5 से 4 घंटे

बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 350 किमी प्रति घंटा होगी, जबकि इसे 320 किमी प्रति घंटा की औसत गति से चलाया जाएगा। यह पूरा कॉरिडोर लगभग 813 किमी लंबा होगा, जिसमें कुल 13 स्टेशन होंगे। इन स्टेशनों में दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, दक्षिण कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, प्रयागराज, प्रतापगढ़, न्यू भदोही और वाराणसी शामिल हैं। इसके अलावा लखनऊ और अयोध्या के बीच 123 किमी की एक अलग लाइन भी प्रस्तावित है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 मई 2026 को जेवर नमो भारत कॉरिडोर की डीपीआर को मंजूरी दे दी है, जिसे अब अंतिम मंजूरी के लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा गया है। इस प्रोजेक्ट का एरियल ग्राउंड सर्वे पूरा हो चुका है और रूट तय करने का काम चल रहा है। अगले कुछ महीनों में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। जेवर एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें 15 जून से शुरू हो चुकी हैं, जिससे यह इलाका अब एक बड़ा औद्योगिक केंद्र बनने की राह पर है।