Gujarat: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक बड़ी कामयाबी मिली है। National High Speed Rail Corporation Ltd (NHSRCL) ने अहमदाबाद के मणिनगर इलाके में चालू रेलवे ट्रैक के ऊपर पांच भारी पोर्टल बीम सफलतापूर्वक लगाए ह
Gujarat: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक बड़ी कामयाबी मिली है। National High Speed Rail Corporation Ltd (NHSRCL) ने अहमदाबाद के मणिनगर इलाके में चालू रेलवे ट्रैक के ऊपर पांच भारी पोर्टल बीम सफलतापूर्वक लगाए हैं। यह काम बहुत ही कम समय में पूरा किया गया है, जिससे अब प्रोजेक्ट अपने आखिरी तैयारी वाले फेज में पहुंच गया है।
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के इस काम की खास बातें क्या हैं?
इस पूरे ऑपरेशन को रिकॉर्ड 22 दिनों के भीतर पूरा किया गया। ये बीम अहमदाबाद-वडोदरा रेलवे लाइन के ऊपर लगाए गए हैं। काम के दौरान भारतीय रेलवे के साथ तालमेल बिठाया गया ताकि ट्रेनों की आवाजाही में कोई बड़ी दिक्कत न आए। मणिनगर में बुलेट ट्रेन का रास्ता मौजूदा ट्रैक को एक तिरछे एंगल पर काटता है, इसलिए यहाँ इतने मजबूत स्ट्रक्चर की जरूरत थी।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल बीम की संख्या |
5 |
| बीम का वजन |
1,170 MT से 1,360 MT तक |
| बीम की लंबाई |
34 मीटर |
| इस्तेमाल हुई क्रेन |
2,200 MT Crawler Crane |
| एक बीम लगाने का समय |
लगभग 3.5 घंटे |
| पूरा काम कितने दिन में हुआ |
22 दिन |
इंजीनियरिंग के नजरिए से यह काम कितना मुश्किल था?
सबसे भारी बीम का वजन करीब 1,360 मीट्रिक टन था, जिसे 8 अप्रैल को लगाया गया। यह भारत में चालू रेलवे लाइनों के ऊपर किए गए सबसे भारी लिफ्ट ऑपरेशन्स में से एक है। पहले ऐसे कामों के लिए ट्रैफिक ब्लॉक में 9 घंटे लगते थे, लेकिन इस बार इसे घटाकर सिर्फ 3.5 घंटे कर दिया गया। इन बीम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये भारी वजन सह सकें और ट्रैक की बनावट में कोई बदलाव न आए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बुलेट ट्रेन सेवा कब तक शुरू होने की उम्मीद है?
NHSRCL के मुताबिक, भारत की पहली हाई-स्पीड रेल सेवा के 2027 तक शुरू होने की संभावना है।
मणिनगर में यह काम क्यों जरूरी था?
मणिनगर में बुलेट ट्रेन का एलाइनमेंट मौजूदा अहमदाबाद-वडोदरा ट्रैक को एक ऊंचे और तिरछे एंगल पर पार करता है, जिसके लिए 30-34 मीटर के मजबूत पोर्टल बीम लगाने जरूरी थे।