Bulandshahr में कीटनाशकों की जांच करने पहुंची लखनऊ की टीम, सिकंदराबाद में लिए गए नमूने
Bulandshahr: जिले के किसानों को मिलावटी दवाओं से बचाने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। 27 जून, 2026 को लखनऊ से आई एक विशेष टीम ने बुलंदशहर के सिकंदराबाद क्षेत्र का दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य मकसद बाजार में बिक रहे की
Bulandshahr: जिले के किसानों को मिलावटी दवाओं से बचाने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। 27 जून, 2026 को लखनऊ से आई एक विशेष टीम ने बुलंदशहर के सिकंदराबाद क्षेत्र का दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य मकसद बाजार में बिक रहे कीटनाशकों की गुणवत्ता की जांच करना था।
निरीक्षण के दौरान टीम ने अलग-अलग दुकानों से कीटनाशकों के नमूने एकत्र किए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अगर रिपोर्ट में दवाएं अधोमानक या मिलावटी पाई जाती हैं, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बुलंदशहर में कृषि विभाग पहले भी ऐसे अभियान चला चुका है। इसी साल 16 जून को जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों की जांच की थी। उस दौरान यूरिया के साथ जबरन अन्य कीटनाशक बेचने वाले तीन विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए थे। प्रशासन ने साफ किया है कि किसानों को किसी भी उत्पाद के लिए मजबूर करना गलत है।
इससे पहले मई 2026 में अनूपशहर क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी का मामला सामने आया था, जिसमें मेरठ PCF के क्षेत्रीय प्रबंधक सहित कई अधिकारियों पर गाज गिरी थी। वहीं, अक्टूबर 2024 में भी 12 विक्रेताओं पर मिलावटी कीटनाशक बेचने के कारण 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। कृषि विभाग समय-समय पर ऐसे निरीक्षण करता रहता है ताकि किसानों को सही दाम पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं मिल सकें।