UP : बृजमनगंज ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत सहजनवा बाबू में मंगलवार शाम को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष Raju Singh को पुलिस ने उनके घर में ही नजरबंद यानी हाउस अरेस्ट कर लिया। यह कदम उन्हें लखनऊ
UP : बृजमनगंज ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत सहजनवा बाबू में मंगलवार शाम को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष Raju Singh को पुलिस ने उनके घर में ही नजरबंद यानी हाउस अरेस्ट कर लिया। यह कदम उन्हें लखनऊ में होने वाले ग्राम प्रधानों के प्रस्तावित धरने में शामिल होने से रोकने के लिए उठाया गया है।
क्यों किया गया Raju Singh को हाउस अरेस्ट?
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ग्राम प्रधान अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे थे। प्रशासन को डर था कि बड़ी संख्या में भीड़ जमा होने से कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसी वजह से Raju Singh समेत कई अन्य प्रधान नेताओं को उनके घरों में ही रोक दिया गया। पुलिस का कहना है कि यह केवल शांति बनाए रखने के लिए किया गया एक एहतियाती कदम है।
ग्राम प्रधानों की मुख्य मांगें क्या हैं?
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को खत्म हो रहा है। उनकी दो मुख्य मांगें हैं। पहली यह कि समय पर पंचायत चुनाव कराए जाएं या फिर उनके मौजूदा कार्यकाल को आगे बढ़ाया जाए। दूसरी मांग यह है कि जब तक चुनाव नहीं होते, तब तक उन्हें ही प्रशासक बनाकर ग्राम पंचायत का काम संभालने दिया जाए, जैसा कि मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में होता है।
सरकार और प्रशासन का अब तक क्या रुख रहा?
इस मामले में डिप्टी सीएम Brajesh Pathak ने लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे प्रधानों से मुलाकात की और उनकी मांगों को जायज बताते हुए सरकार की ओर से विचार करने का भरोसा दिया। वहीं, Rashtriya Panchayati Raj Gram Pradhan Sangathan ने अपनी बैठक में तय किया है कि वे 26 मई 2026 तक सरकार के फैसले का इंतजार करेंगे। इससे पहले 20 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और 6 मई को पंचायती राज मंत्री Om Prakash Rajbhar को भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Raju Singh को हाउस अरेस्ट क्यों किया गया?
Raju Singh को लखनऊ में ग्राम प्रधानों द्वारा किए जाने वाले प्रस्तावित धरने में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
ग्राम प्रधानों की मुख्य मांग क्या है?
प्रधानों की मांग है कि या तो समय पर पंचायत चुनाव कराए जाएं, या उनके कार्यकाल को बढ़ाया जाए, या फिर उन्हें ही प्रशासक नियुक्त किया जाए।