Delhi: नई दिल्ली में 14 और 15 मई 2026 को ब्रिक्स (BRICS) देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक हुई। इस बैठक में ईरान और UAE के बीच तीखी बहस हुई, जिसकी वजह से सभी सदस्य देश किसी एक साझा बयान पर सहमत नहीं हो पाए। अंत
Delhi: नई दिल्ली में 14 और 15 मई 2026 को ब्रिक्स (BRICS) देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक हुई। इस बैठक में ईरान और UAE के बीच तीखी बहस हुई, जिसकी वजह से सभी सदस्य देश किसी एक साझा बयान पर सहमत नहीं हो पाए। अंत में भारत ने मेजबान होने के नाते केवल ‘चेयर स्टेटमेंट’ जारी किया।
ईरान और UAE के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या थी?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने UAE पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि UAE ने अमेरिका और इजरायल को ईरान के खिलाफ सैन्य हमले करने के लिए अपने सैन्य बेस और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने दिया। ईरान ने इसे गैरकानूनी हमला बताया और UAE को चेतावनी दी कि अमेरिका और इजरायल के साथ उसकी दोस्ती उसकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती। दूसरी तरफ, UAE ने इन आरोपों को नकारा और ईरान की पड़ोसी देशों के खिलाफ हरकतों की आलोचना की।
भारत और अन्य देशों ने इस स्थिति पर क्या कहा?
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों, जैसे हॉर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के होनी चाहिए। उन्होंने नए सदस्य देशों से अपील की कि वे ब्रिक्स के आपसी सहमति वाले फैसलों का सम्मान करें। वहीं, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिश की और कहा कि पश्चिम एशिया की इस स्थिति के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार हैं। दक्षिण अफ्रीका के मंत्री रोनाल्ड लमोला ने भी कहा कि इस लड़ाई से किसी का फायदा नहीं होगा और इसे तुरंत रुकना चाहिए।
ब्रिक्स बैठक के नतीजे और भारत का स्टैंड
आमतौर पर ब्रिक्स की बैठक के बाद सभी सदस्य देश मिलकर एक संयुक्त बयान जारी करते हैं, लेकिन इस बार मतभेदों के कारण ऐसा नहीं हो पाया। भारत सरकार ने साफ किया कि यह विवाद इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत के स्टैंड से जुड़ा नहीं है और भारत अभी भी टू-स्टेट सॉल्यूशन का समर्थन करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी UAE के दौरे के दौरान क्षेत्रीय तनाव के बीच UAE को निशाना बनाए जाने की निंदा की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ब्रिक्स बैठक में साझा बयान क्यों नहीं जारी हुआ?
मध्य पूर्व (Middle East) की स्थिति को लेकर ईरान और UAE के बीच गहरे मतभेद थे। ब्रिक्स में फैसले सबकी सहमति से लिए जाते हैं, और सहमति न बनने के कारण साझा बयान की जगह भारत ने केवल ‘चेयर स्टेटमेंट’ जारी किया।
ईरान ने UAE पर क्या आरोप लगाए?
ईरानी विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि UAE ने अमेरिका और इजरायल को ईरान पर हमला करने के लिए अपने सैन्य ठिकाने, खुफिया जानकारी और हवाई क्षेत्र उपलब्ध कराया।