Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता भारत कर रहा है और विदेश मंत्री Dr. S. Jaishankar इसका नेतृत्व करेंगे। बैठक की तैयारी के लिए अलग-अ
Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता भारत कर रहा है और विदेश मंत्री Dr. S. Jaishankar इसका नेतृत्व करेंगे। बैठक की तैयारी के लिए अलग-अलग देशों के बड़े अधिकारी और मंत्री दिल्ली पहुंचना शुरू हो गए हैं।
कौन-कौन से देशों के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंचे
बैठक में शामिल होने के लिए कजाकिस्तान के फर्स्ट डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Yerzhan Ashikbayev और नाइजीरिया के फॉरेन मिनिस्ट्री के परमानेंट सेक्रेटरी Dunoma Umar Ahmed मंगलवार को दिल्ली पहुंचे। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के मंत्री Ronald Lamola और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री Sugiono भी बुधवार को दिल्ली पहुंच चुके हैं। ये सभी प्रतिनिधि 14 और 15 मई 2026 को होने वाली मुख्य बैठक में हिस्सा लेंगे।
बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि इस मीटिंग में सदस्य देश दुनिया और क्षेत्र से जुड़े जरूरी मुद्दों पर अपनी राय रखेंगे। 15 मई को खास तौर पर ‘BRICS@20’ थीम पर चर्चा होगी, जिसमें इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता पर बात की जाएगी। साथ ही ग्लोबल गवर्नेंस और मल्टीलेटरल सिस्टम में सुधारों पर भी चर्चा होगी। आने वाले समय में ये प्रतिनिधि प्रधानमंत्री Narendra Modi से भी मुलाकात कर सकते हैं।
नाइजीरिया और भारत के रिश्तों पर असर
नाइजीरिया के प्रतिनिधि Dunoma Umar Ahmed ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की बात कही है। उन्होंने अलग-अलग सेक्टर में भारतीय निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई है। दक्षिण अफ्रीका के मंत्री Ronald Lamola ने भी भरोसा जताया है कि इस बातचीत से BRICS देशों और उनके पार्टनर्स के बीच आपसी सहयोग और बढ़ेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक दिल्ली में कब होगी?
यह बैठक 14 और 15 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री Dr. S. Jaishankar करेंगे।
बैठक के दूसरे दिन किन विषयों पर चर्चा होगी?
15 मई को ‘BRICS@20: Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ और ग्लोबल गवर्नेंस के सुधारों जैसे विषयों पर सत्र आयोजित होंगे।