Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक शुरू हो गई है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov का स्वागत किया। यह बैठक 14 मई से 15 मई 2026 तक चलेगी,
Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक शुरू हो गई है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov का स्वागत किया। यह बैठक 14 मई से 15 मई 2026 तक चलेगी, जिसमें दुनिया के कई बड़े देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
भारत और रूस के रिश्तों पर क्या हुई बात?
S Jaishankar ने भारत और रूस के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक, ऊर्जा और राजनीतिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है। बैठक से पहले 13 मई को भी दोनों मंत्रियों के बीच विस्तार से बातचीत हुई थी, जिसमें वैश्विक हालातों और आपसी रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा की गई।
BRICS बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
इस मीटिंग में ग्लोबल गवर्नेंस, एनर्जी सिक्योरिटी और पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध जैसे गंभीर मुद्दों पर बातचीत होगी। साथ ही, स्थानीय मुद्राओं (local currencies) में व्यापार करने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। भारत ने साफ किया है कि वह BRICS को किसी एंटी-वेस्टर्न या एंटी-डॉलर ग्रुप के तौर पर नहीं देखता, बल्कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यावहारिक सहयोग चाहता है।
बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख प्रतिनिधि
| देश |
प्रतिनिधि |
| रूस |
Sergey Lavrov (विदेश मंत्री) |
| चीन |
Xu Feihong (राजदूत) |
| इंडोनेशिया |
Sugiono (विदेश मंत्री) |
| दक्षिण अफ्रीका |
Ronald Lamola (विदेश मंत्री) |
| इथियोपिया |
Gedion Timothewos Hessebon (विदेश मंत्री) |
| ईरान |
Abbas Araghchi (विदेश मंत्री) |
| UAE |
Khalifa Shaheen Al Marar (राज्य मंत्री) |
| ब्राजील |
Mauro Vieira (विदेश मंत्री) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
BRICS की अध्यक्षता अभी किसके पास है?
भारत ने 1 जनवरी 2026 को BRICS की अध्यक्षता संभाली है। यह चौथी बार है जब भारत इस समूह की प्रेसिडेंसी कर रहा है।
क्या भारत BRICS में डॉलर के इस्तेमाल को खत्म करना चाहता है?
नहीं, भारत का कोई ‘डी-डॉलराइजेशन’ एजेंडा नहीं है। भारत चाहता है कि समूह की पहचान केवल एंटी-डॉलर या एंटी-वेस्टर्न पहचान तक सीमित न रहे।