Vijay Mallya केस में बॉम्बे हाई कोर्ट की टिप्पणी, कहा- अब इस विवाद को खत्म करने का समय है
Maharashtra: भगोड़े कारोबारी Vijay Mallya और बैंकों के बीच सालों से चल रहे पैसों के विवाद पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा है कि अब इस मामले को खत्म कर आगे बढ़ने की जरूरत है, क्योंकि लंबे समय तक चल
Maharashtra: भगोड़े कारोबारी Vijay Mallya और बैंकों के बीच सालों से चल रहे पैसों के विवाद पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा है कि अब इस मामले को खत्म कर आगे बढ़ने की जरूरत है, क्योंकि लंबे समय तक चलने वाले ऐसे कानूनी झगड़ों का असर देश की अर्थव्यवस्था और आपसी संबंधों पर बुरा पड़ता है।
12 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस मिलिंद जाधव ने मौखिक तौर पर यह बात कही। कोर्ट ने Enforcement Directorate (ED) को एक हलफनामा (Affidavit) दाखिल करने का आदेश दिया है। इसमें ED को यह साफ करना होगा कि क्या सेटलमेंट और रिकवरी की पूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मामला पूरी तरह सुलझ गया है।
विजय मल्या के वकील अमित देसाई ने कोर्ट में दलील दी कि 2020 में संपत्ति जब्ती के खिलाफ जो याचिका लगाई गई थी, वह अब बेमानी हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले छह सालों में ED ने ज्यादातर संपत्तियां पहले ही जब्त कर बेची हैं। वकील का दावा है कि बैंकों के समूह ने मल्या से लगभग 15,000 करोड़ रुपये वसूल कर लिए हैं, जो कि ब्याज समेत मांगे गए 6,203 करोड़ रुपये के मूल दावे से काफी ज्यादा है।
कोर्ट ने एक जरूरी बात यह भी साफ की कि अगर सिविल या कमर्शियल विवाद खत्म होता है, तो इसका असर मल्या के खिलाफ चल रहे क्रिमिनल केस पर नहीं पड़ेगा। आपराधिक मामलों की सुनवाई अपनी कानूनी प्रक्रिया के हिसाब से चलती रहेगी। मल्या 2016 से ब्रिटेन में रह रहे हैं और भारत सरकार उन्हें वापस लाने की कोशिश कर रही है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।