Maharashtra: मुंबई की ऐतिहासिक Asiatic Society के चुनाव को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार, 24 अप्रैल 2026 को Charity Commissioner के उस आदेश को सही ठहराया है, जिसमें चुनावों को आ
Maharashtra: मुंबई की ऐतिहासिक Asiatic Society के चुनाव को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार, 24 अप्रैल 2026 को Charity Commissioner के उस आदेश को सही ठहराया है, जिसमें चुनावों को आगे बढ़ाया गया था। कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले में दखल देने की कोई जरूरत नहीं है और अब राज्य की देखरेख में चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कोर्ट ने Charity Commissioner के फैसले को क्यों माना सही?
Justice Farhan Dubash ने अपने फैसले में कहा कि Charity Commissioner Amogh Kaloti ने महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट एक्ट के तहत अपनी शक्तियों का सही इस्तेमाल किया है। कोर्ट के मुताबिक, कमिश्नर के फैसले में कोई कानूनी गलती या मनमानी नहीं दिखी। यह कदम इसलिए जरूरी था ताकि वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों को ठीक किया जा सके और चुनाव निष्पक्ष तरीके से हों। इससे पहले 8 अप्रैल को कोर्ट ने इस पर रोक लगाई थी, जिसे अब हटा लिया गया है।
Asiatic Society में क्या गड़बड़ियां सामने आईं?
सुनवाई के दौरान कई गंभीर मुद्दे सामने आए जिसकी वजह से चुनाव टालने पड़े। मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- वोटर लिस्ट में अचानक 1,467 नए नाम जोड़ दिए गए थे।
- मैनेजिंग कमेटी अपना तय समय पूरा होने के बाद भी पद पर बनी हुई थी।
- Asiatic Library से 2,000 से ज्यादा किताबों के गायब होने का आरोप लगा।
- वोटर लिस्ट को लेकर पहले भी 8 नवंबर 2025 से चुनाव बार-बार टल रहे थे।
अब आगे चुनाव की प्रक्रिया क्या होगी?
कोर्ट के आदेश के बाद अब Charity Commissioner द्वारा तय किया गया प्लान लागू होगा। इसके तहत एक योग्य व्यक्ति को सोसाइटी के रोजमर्रा के काम देखने की जिम्मेदारी दी जाएगी। एक सब-कमेटी बनाई जाएगी जो दो महीने के भीतर सही वोटर लिस्ट तैयार करेगी। इसके बाद, Deputy Charity Commissioner की निगरानी में एक महीने के अंदर चुनाव कराए जाएंगे। पूर्व राज्यसभा सदस्य Kumar Ketkar और अन्य याचिकाकर्ताओं की अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।