Maharashtra में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर Bombay High Court सख्त, नसबंदी अभियान तेज करने के निर्देश

Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने राज्य में आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार को नसबंदी कार्यक्रम (ABC Programme) को तेजी से लागू करने की सलाह दी है। अदालत का मानना है कि अगर सरकार इस दिशा में मजबूती से

Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने राज्य में आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार को नसबंदी कार्यक्रम (ABC Programme) को तेजी से लागू करने की सलाह दी है। अदालत का मानना है कि अगर सरकार इस दिशा में मजबूती से काम करेगी, तो सड़कों पर कुत्तों की बढ़ती आबादी को रोका जा सकेगा। यह आदेश शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को एक विशेष सुनवाई के दौरान आया।

कोर्ट की बेंच में एक्टिंग चीफ जस्टिस रविंद्र वी घुगे और जस्टिस गौतम ए अंखाड शामिल थे। चीफ जस्टिस ने स्पष्ट कहा कि समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए वयस्क कुत्तों की नसबंदी जरूरी है। उन्होंने समझाया कि जब वयस्क कुत्तों की नसबंदी होगी, तो नए पिल्लों का जन्म नहीं होगा और धीरे-धीरे यह समस्या खुद खत्म हो जाएगी। अदालत ने इसे ‘बीमारी को शुरुआत में ही खत्म करने’ जैसा बताया।

यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 19 मई 2025 के एक फैसले के बाद शुरू हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को चेतावनी दी थी कि वे कुत्तों के हमलों के खतरे को देखकर मूकदर्शक न बने रहें। इसी के बाद हाई कोर्ट ने खुद इस मामले का संज्ञान लिया। महाराष्ट्र सरकार की ओर से एडिशनल गवर्नमेंट प्लीडर ओ ए चंदुरकर ने बताया कि राज्य सरकार नसबंदी कार्यक्रम के जरिए नियमों का पालन कर रही है।

बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने 20 जुलाई 2026 को इस संबंध में सख्त गाइडलाइन्स जारी की थीं। इन नियमों के मुताबिक, शहरी स्थानीय निकायों को कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी, टीकाकरण और डीवॉर्मिंग करानी होगी। साथ ही, उनके लिए अलग से फीडिंग जोन तय करने होंगे। नए नियमों में यह भी साफ किया गया है कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को स्कूल, अस्पताल और एयरपोर्ट जैसे सुरक्षित सार्वजनिक स्थानों पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा।