Maharashtra: डॉक्टरों से मारपीट मामले में शिवसेना नगरसेवक की जमानत रद्द, Bombay High Court ने कहा 19 जुलाई तक सरेंडर करें
Maharashtra/Dombivli: डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट के मामले में Bombay High Court ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने शिवसेना नगरसेवक Ramesh Mhatre और उनके चार साथियों को मिली जमानत पर रोक लगा
Maharashtra/Dombivli: डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट के मामले में Bombay High Court ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने शिवसेना नगरसेवक Ramesh Mhatre और उनके चार साथियों को मिली जमानत पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने Mhatre को आदेश दिया है कि वह 19 जुलाई की शाम 5 बजे तक डोंबिवली के Vishnunagar पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दें।
यह पूरा मामला 6 जुलाई 2026 की रात को Shastri Nagar Municipal Hospital में हुआ था, जहां डॉक्टरों और नर्सों के साथ बदसलूकी की गई थी। इस मामले में Ramesh Mhatre और उनके साथियों को 8 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 14 जुलाई को कल्याण की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। इस फैसले के बाद मेडिकल कम्युनिटी में काफी गुस्सा था और IMA समेत कई डॉक्टरों के संगठनों ने 22 जुलाई को हड़ताल का ऐलान कर दिया था।
Bombay High Court की डिवीजन बेंच, जिसमें Acting Chief Justice Ravindra V. Ghuge और Justice Gautam Ankhad शामिल थे, ने इस मामले का खुद संज्ञान (suo motu) लिया। कोर्ट ने कल्याण कोर्ट के जमानत आदेश को गलत बताया और कहा कि इस गंभीर मुद्दे को बहुत हल्के में लिया गया। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि Mhatre के खिलाफ पिछले 36 सालों में मारपीट के 18 केस दर्ज हो चुके हैं, हालांकि वह 17 केसों में बरी हो चुके हैं।
हाई कोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि अगर Mhatre सरेंडर नहीं करते हैं या उनका पता नहीं चलता है, तो प्रशासन उनकी अचल संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई कर सकता है। इस बीच, कोर्ट ने डॉक्टरों और Indian Medical Association से अपील की है कि वे समाज के हित में 22 जुलाई की हड़ताल पर दोबारा विचार करें। महाराष्ट्र के Advocate General Milind Sathe ने भी डॉक्टरों से हड़ताल न करने का अनुरोध किया है। वहीं, Maharashtra Association of Resident Doctors के अध्यक्ष Dr. Sushil Sable ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।