Maharashtra: पुणे पुलिस द्वारा बिजनेसवुमन Sheetal Tejwani की दो अलग-अलग मामलों में की गई गिरफ्तारी को बॉम्बे हाई कोर्ट ने अवैध करार दिया है। जस्टिस N. J. Jamadar ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। हालांकि, कोर्ट ने उनकी तीस
Maharashtra: पुणे पुलिस द्वारा बिजनेसवुमन Sheetal Tejwani की दो अलग-अलग मामलों में की गई गिरफ्तारी को बॉम्बे हाई कोर्ट ने अवैध करार दिया है। जस्टिस N. J. Jamadar ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। हालांकि, कोर्ट ने उनकी तीसरी गिरफ्तारी से जुड़ी चुनौती को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने गिरफ्तारियों को अवैध क्यों माना?
कोर्ट ने पाया कि पुणे पुलिस ने Bavdhan और Pimpri मामलों में गिरफ्तारी के समय Sheetal Tejwani को गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए थे। यह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 35(3) और संविधान के अनुच्छेद 22(1) का उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ गिरफ्तारी की सूचना देना काफी नहीं है, बल्कि कारण बताना जरूरी है। साथ ही, गिरफ्तारी और कोर्ट में पेशी के बीच का समय सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय दो घंटे की न्यूनतम सीमा से कम था।
किन मामलों में मिली राहत और क्या है विवाद
Sheetal Tejwani को कुल तीन मामलों में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने दो मामलों में उन्हें 50,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड और जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। विवादों का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| पुलिस स्टेशन |
मामला/विवाद |
कोर्ट का फैसला |
| Bavdhan Police |
मुंडवा जमीन सौदा और स्टाम्प ड्यूटी चोरी |
गिरफ्तारी अवैध |
| Pimpri Police |
Seva Vikas बैंक लोन फ्रॉड (20.49 करोड़) |
गिरफ्तारी अवैध |
| Khadak Police |
मुंडवा महार वतन जमीन घोटाला |
गिरफ्तारी सही मानी गई |
मुंडवा जमीन घोटाला और बैंक फ्रॉड का क्या कनेक्शन है?
मुंडवा मामले में आरोप है कि 1,800 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को 300 करोड़ रुपये में Amadea Enterprises LLP को बेचा गया, जिसका संबंध उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार से बताया जाता है। वहीं, Seva Vikas कोऑपरेटिव बैंक मामले में 238 करोड़ रुपये से ज्यादा की अनियमितताओं का आरोप है, जिसमें Sheetal Tejwani पर 20.49 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट का मामला है।