Mumbai में गड्ढों और खुले मैनहोल से परेशान लोग, Bombay High Court ने BMC से पूछा- शहर की सड़कें ठीक होने में और कितने साल लगेंगे
Maharashtra: मुंबई की सड़कों पर गड्ढों और खुले मैनहोल की समस्या अब अदालत तक पहुंच गई है। Bombay High Court ने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा है कि शहर की सड़कों को पूरी तरह मोटर चला
Maharashtra: मुंबई की सड़कों पर गड्ढों और खुले मैनहोल की समस्या अब अदालत तक पहुंच गई है। Bombay High Court ने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा है कि शहर की सड़कों को पूरी तरह मोटर चलाने लायक बनाने में उन्हें और कितने साल लगेंगे। कोर्ट ने साफ तौर पर जानना चाहा कि BMC कब यह दावा कर पाएगी कि उसकी देखरेख वाली सभी सड़कों पर कोई गड्ढा या खुला मैनहोल नहीं है।
जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच ने सोमवार, 29 जून 2026 को सुनवाई के दौरान BMC की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि पिछले 20 सालों से इस समस्या पर न्यायिक हस्तक्षेप हो रहा है, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। जजों ने कहा कि दहिसर से फोर्ट तक जाने वाले लोगों को सैकड़ों झटके महसूस होते हैं, जबकि दुनिया के बड़े शहरों में सड़कें इतनी अच्छी होती हैं कि गाड़ियां बिना किसी झटके के 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। कोर्ट ने BMC को अब जागने और इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की सलाह दी।
सुनवाई के दौरान मैनहोल की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल उठे। कोर्ट ने पाया कि BMC ने मैनहोल के ढक्कन के नीचे सुरक्षा ग्रिल लगाने के पुराने आदेशों का पालन ठीक से नहीं किया। अदालत ने BMC से यह भरोसा मांगा कि इस मानसून सीजन में किसी भी इंसान की जान खुले मैनहोल की वजह से नहीं जाएगी। इसके अलावा, मैनहोल हादसों में मरने वालों के परिजनों को मुआवजा देने के मामले में BMC कमिश्नर के रवैये को कोर्ट ने बहुत ही लापरवाह बताया।
BMC की ओर से वकील जोएल कार्लोस ने कहा कि प्रशासन जनता की सुरक्षा के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। वहीं, मुख्य इंजीनियर अनिलकुमार भोइते द्वारा दाखिल हलफनामे में दावा किया गया कि शहर के 73,437 मैनहोल में से 71,426 पर ग्रिल लग चुकी हैं, जबकि 2,011 मैनहोल दबे होने के कारण वहां काम नहीं हो पाया। हालांकि, याचिकाकर्ता वकील रुजू ठक्कर ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अभी भी 3,000 से ज्यादा मैनहोल बिना ढक्कन या ग्रिल के हैं।
कोर्ट ने अब BMC को निर्देश दिया है कि वह नागरिकों की शिकायतों के निपटारे के बाद सड़कों की ‘पहले’ और ‘बाद’ की तस्वीरें सबूत के तौर पर पेश करे। साथ ही, शिकायत ऐप कैसे काम कर रहा है, इसकी पूरी जानकारी एक सप्लीमेंट्री हलफनामे के जरिए देनी होगी। इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी। कोर्ट ने ठाणे नगर निगम (TMC) को भी सड़कों की बदहाली और मुआवजे में देरी के लिए फटकार लगाई है।