Maharashtra में झूठी शिकायत करने वाली महिला पर कोर्ट सख्त, 10 केस दर्ज कराने के बाद rape case किया खारिज
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महिला द्वारा साल 2019 में दर्ज कराई गई रेप की शिकायत को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि यह महिला अलग-अलग पुरुषों के खिलाफ इस तरह के कई झूठे केस दर्ज कराने की आदत रखती थी। जस्टिस रंज
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महिला द्वारा साल 2019 में दर्ज कराई गई रेप की शिकायत को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि यह महिला अलग-अलग पुरुषों के खिलाफ इस तरह के कई झूठे केस दर्ज कराने की आदत रखती थी। जस्टिस रंजितसिंह भोंसले ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि महिला का मकसद सिर्फ आरोपियों को परेशान करना था।
अदालत के सामने आए तथ्यों से पता चला कि 34 साल की इस शादीशुदा कामकाजी महिला ने कर्नाटक और महाराष्ट्र में अलग-अलग पुरुषों के खिलाफ रेप, घरेलू हिंसा और मर्यादा भंग करने जैसे कुल 10 केस दर्ज कराए थे। इनमें से कुछ मामलों में आरोपी पहले ही बरी हो चुके थे। कोर्ट ने माना कि महिला का तरीका यह था कि वह पहले आपसी सहमति से संबंध बनाती थी और बाद में धोखाधड़ी से सहमति लेने का आरोप लगाकर रेप का केस कर देती थी।
इस खास केस में ठाणे के कलवा निवासी 30 वर्षीय मनोज धनवडे को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने साफ किया कि रेप का अपराध तभी माना जाता है जब शुरुआत से ही शादी का झूठा वादा करके यौन सहमति ली गई हो। इस मामले में कोर्ट ने इसे आरोपी को परेशान करने की एक बेईमान कोशिश बताया।
कोर्ट ने अब महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि इस महिला की जानकारी राज्य के सभी पुलिस थानों में भेजी जाए। इससे यह होगा कि भविष्य में अगर वह महिला कोई शिकायत करती है, तो पुलिस सीधे FIR दर्ज करने के बजाय पहले उसकी शुरुआती जांच करेगी। कोर्ट ने कहा कि महिला के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए उसका पूरा मामला संदिग्ध और असंभव लगता है।