Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने प्यार और कानून के बीच के फर्क को साफ किया। कोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया है, जिस पर उसकी पूर्व प्रेमिका ने शादी का झूठा वादा कर शारीरि
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने प्यार और कानून के बीच के फर्क को साफ किया। कोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया है, जिस पर उसकी पूर्व प्रेमिका ने शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया था। अब यह जोड़ा शादी कर चुका है और खुशी-खुशी साथ रह रहा है।
कोर्ट ने FIR रद्द करने का क्या कारण बताया?
Justice Ashwin Bhobe ने 20 अप्रैल 2026 को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला वासना का नहीं बल्कि आपसी प्यार का है। जस्टिस भोगे ने साफ किया कि अगर कानूनी कार्यवाही जारी रहती है, तो इससे पति और पत्नी दोनों को मानसिक परेशानी और असुविधा होगी। महिला ने खुद हलफनामा देकर बताया कि वह बिना किसी दबाव के अपने पति के साथ रहना चाहती है और केस खत्म करना चाहती है।
इस केस की पूरी टाइमलाइन क्या रही?
यह पूरा मामला सितंबर 2025 में Taloja पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से शुरू हुआ था। इसके बाद दोनों के बीच सुलह हुई और 25 मार्च 2026 को उन्होंने शादी कर ली। शादी के कुछ दिन बाद, 30 मार्च 2026 को महिला ने FIR रद्द करने के लिए अपनी सहमति (No-objection) दे दी। अंत में 20 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने इस केस को पूरी तरह खत्म कर दिया। इस मामले में व्यक्ति की तरफ से Advocate Ganesh Gupta ने पैरवी की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बॉम्बे हाई कोर्ट ने FIR क्यों हटाई?
कोर्ट ने FIR इसलिए हटाई क्योंकि आरोपी और शिकायतकर्ता महिला ने 25 मार्च 2026 को शादी कर ली थी और महिला ने स्वेच्छा से केस खत्म करने की मांग की थी।
यह मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज था?
यह मामला सितंबर 2025 में महाराष्ट्र के Taloja पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया था।