Maharashtra: पूर्व जज जस्टिस गौतम पटेल को मिली धमकियां, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस और MEA की रिपोर्ट को सीलबंद रखने का दिया आदेश

Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने पूर्व जज जस्टिस गौतम पटेल और उनके परिवार को मिली धमकियों के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने गुरुवार को मुंबई पुलिस और विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्टों को सीलबंद

Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने पूर्व जज जस्टिस गौतम पटेल और उनके परिवार को मिली धमकियों के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने गुरुवार को मुंबई पुलिस और विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्टों को सीलबंद लिफाफे (sealed cover) में रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट का मानना है कि इन रिपोर्टों को गुप्त रखना जरूरी है ताकि जांच प्रभावित न हो और हमलावरों को पुलिस की रणनीति का पता न चले।

यह पूरा मामला अप्रैल 2024 में जस्टिस गौतम पटेल की रिटायरमेंट से ठीक दो दिन पहले दिए गए एक फैसले से जुड़ा बताया जा रहा है। यह फैसला दाऊदी बोहरा समुदाय के धार्मिक नेतृत्व के विवाद से संबंधित था। इसके बाद से जस्टिस पटेल और उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं। मुंबई में उनकी पत्नी को धमकी भरे पत्र मिले, जबकि लंदन में उनकी बेटी अदिति पटेल को एक नकाबपोश व्यक्ति ने हमला किया।

अदालत में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे ने बताया कि मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस पटेल और उनके परिवार को मिली धमकियों के संबंध में दो गैर-संज्ञेय (non-cognizable) शिकायतें दर्ज की गई हैं। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने जानकारी दी कि विदेश मंत्रालय ने लंदन में जस्टिस पटेल के परिवार की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। वहां हर्टफोर्डशायर कांस्टेबुलरी सुरक्षा मुहैया करा रही है।

कोर्ट ने इस मामले में मीडिया कवरेज का जिक्र करते हुए कहा कि 26/11 के हमलों के दौरान लाइव कवरेज से हमलावरों को मदद मिली थी, इसलिए इस जांच की गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है। इस मामले में बॉम्बे बार एसोसिएशन और अन्य वकील संस्थाओं ने जनहित याचिका (PIL) दायर कर कोर्ट की निगरानी में जांच और सुरक्षा की मांग की थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त 2026 को दोपहर 3 बजे होगी, जिसमें केंद्र और मुंबई पुलिस को नई स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी होगी।