Maharashtra: मुंबई के मशहूर लीलावती अस्पताल ट्रस्ट को बड़ी राहत मिली है। Bombay High Court ने IndusInd Bank को आदेश दिया है कि वह 65.68 करोड़ रुपये की Fixed Deposit (FD) और उस पर जमा ब्याज को तुरंत ट्रस्ट के खाते में ट्र
Maharashtra: मुंबई के मशहूर लीलावती अस्पताल ट्रस्ट को बड़ी राहत मिली है। Bombay High Court ने IndusInd Bank को आदेश दिया है कि वह 65.68 करोड़ रुपये की Fixed Deposit (FD) और उस पर जमा ब्याज को तुरंत ट्रस्ट के खाते में ट्रांसफर करे। यह आदेश ट्रस्ट द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद आया है।
बैंक ने फंड रोकने का क्या कारण बताया था?
IndusInd Bank ने पहले यह दलील दी थी कि ट्रस्ट के अलग-अलग गुटों के बीच आपसी विवाद चल रहा है। बैंक का कहना था कि जब तक Joint Charity Commissioner का आदेश नहीं आता, तब तक पैसा रिलीज करना जोखिम भरा हो सकता है। बैंक को डर था कि फंड ट्रांसफर करने के बाद भविष्य में अन्य दावेदार सामने आ सकते हैं।
कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया और क्या है शर्त?
जस्टिस मकरंद एस karnik और जस्टिस श्रीराम एम मोदक की बेंच ने साफ कहा कि ट्रस्ट के आंतरिक विवादों की वजह से बैंक फंड नहीं रोक सकता। कोर्ट ने Charu K Mehta को लाइफ ट्रस्टी के तौर पर फंड मैनेज करने के लिए अधिकृत माना है। फंड ट्रांसफर के लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं:
- ट्रस्ट को 21 अप्रैल 2026 तक एक अंडरटेकिंग (वचन पत्र) जमा करना होगा।
- यह पुष्टि करनी होगी कि Union Bank of India का खाता सिर्फ ट्रस्ट का है।
- पैसे का इस्तेमाल सिर्फ अस्पताल के कानूनी कामों या ट्रस्ट नियमों के तहत निवेश के लिए होगा।
- अंडरटेकिंग दाखिल होने के 3 दिन के भीतर बैंक को पैसा ट्रांसफर करना होगा।
मामले से जुड़ी जरूरी जानकारी
| विवरण |
जानकारी |
| कुल राशि |
₹65.68 करोड़ + ब्याज |
| FD मैच्योरिटी डेट |
6 जून 2024 |
| संबंधित बैंक |
IndusInd Bank (होल्डर), Union Bank of India (प्राप्तकर्ता) |
| अदालत |
Bombay High Court |
| ट्रस्ट प्रतिनिधि |
Charu K Mehta |