Mumbai: KEM अस्पताल में नर्स और गार्ड्स से मारपीट मामला, बॉम्बे हाई कोर्ट ने 3 रिश्तेदारों को दी अग्रिम जमानत
Maharashtra: मुंबई के परेल इलाके में स्थित BMC के KEM अस्पताल में एक नर्स और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने राहत दी है। कोर्ट ने मृतक मरीज के तीन रिश्तेदारों को अग्रिम जमानत दे दी है। यह घ
Maharashtra: मुंबई के परेल इलाके में स्थित BMC के KEM अस्पताल में एक नर्स और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने राहत दी है। कोर्ट ने मृतक मरीज के तीन रिश्तेदारों को अग्रिम जमानत दे दी है। यह घटना 28 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब अस्पताल के स्टाफ पर हमला किया गया था।
यह पूरा मामला 19 साल के गणेश कोलेकर से जुड़ा है, जो सांगली का रहने वाला था और लीवर की गंभीर बीमारी का इलाज करा रहा था। 28 अप्रैल को उसकी मौत हो गई, जिसके बाद उसके रिश्तेदार गुस्से में आ गए। आरोप है कि उन्होंने नर्स तेजस्विनी पाटिल और तीन सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की। इस हमले में नर्स की आंख और हाथ में चोट आई थी।
इससे पहले 22 मई 2026 को सेशन कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सेशन कोर्ट का कहना था कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर ड्यूटी कर रहे स्टाफ पर हमला करना साधारण मामला नहीं है और ऐसी ढील से स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा बढ़ सकती है।
हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस प्रफुल्ला खुबल्कर ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को जरूरी माना। कोर्ट ने कहा कि यह घटना गुस्से में हुई थी और इसमें किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया गया था। साथ ही, अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी थी, इसलिए समानता के आधार पर बलीराम सावंत, माणिक सावंत और बाबासाहेब जाधव को अग्रिम जमानत दी गई।
कोर्ट ने जमानत के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। आरोपियों को 25,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरना होगा और गवाहों को प्रभावित नहीं करना होगा। साथ ही, चार्जशीट दाखिल होने तक उन्हें हर सोमवार को भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।