Mumbai Central में YMCA जिम और मैदान पर BMC का कब्जा रोकने के आदेश, Bombay HC ने लगाई रोक
Maharashtra: मुंबई सेंट्रल इलाके में स्थित YMCA जिम और अब्दुल रहमान सूफी मैदान (झूला मैदान) को अपने कब्जे में लेने की BMC की कोशिशों को बॉम्बे हाई कोर्ट ने रोक दिया है। अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए BMC को निर्देश द
Maharashtra: मुंबई सेंट्रल इलाके में स्थित YMCA जिम और अब्दुल रहमान सूफी मैदान (झूला मैदान) को अपने कब्जे में लेने की BMC की कोशिशों को बॉम्बे हाई कोर्ट ने रोक दिया है। अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए BMC को निर्देश दिया है कि वह अगले आदेश तक YMCA के खिलाफ कोई भी कड़ी कार्रवाई न करे।
यह पूरा मामला मार्च 2026 में शुरू हुआ था जब BMC ने YMCA को एक नोटिस भेजा था। BMC ने आरोप लगाया था कि जिम और मैदान का रखरखाव ठीक से नहीं किया जा रहा है। YMCA ने इस नोटिस का जवाब दिया था, लेकिन इसके बावजूद 21 जुलाई 2026 को BMC ने बिना किसी सुनवाई के एक पत्र भेजा और सात दिनों के भीतर कब्जा लेने की बात कही। 7 अगस्त को BMC की एक टीम वहां पहुंची थी और पुलिस ने भी YMCA को सूचित किया था कि 12 अगस्त तक कब्जा ले लिया जाएगा।
इस स्थिति से बचने के लिए YMCA ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जस्टिस ए एस गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की। YMCA के वकील जोएल कार्लोस ने दलील दी कि यह मैदान 19 मार्च 1928 से लीज पर है और वे नियमित रूप से किराया भर रहे हैं, इसलिए वे एक संरक्षित किराएदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिम का निर्माण 1964 में BMC की मंजूरी से हुआ था, इसलिए BMC इसे जबरन नहीं ले सकती।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने BMC के वकील से पूछा कि क्या यह कार्रवाई किसी स्थानीय कॉर्पोरेटर या प्रभावशाली व्यक्ति के कहने पर की जा रही है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि यह प्रॉपर्टी YMCA से लेकर किसे दी जाएगी, लेकिन BMC के वकील कोई जवाब नहीं दे पाए। YMCA ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने 2007 और 2012 में किराए के दस्तावेज दिए थे और 2021 में मरम्मत की जानकारी भी दी थी। अब कोर्ट ने BMC को दो हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।