Maharashtra: डॉक्टरों से मारपीट मामला, शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की जमानत पर रोक बरकरार, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस को फटकारा

Maharashtra: डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट करने के आरोपी शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी जमानत पर लगी रोक को जारी रखा है। कोर्ट ने इस मामले मे

Maharashtra: डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट करने के आरोपी शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी जमानत पर लगी रोक को जारी रखा है। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए सख्त टिप्पणी की है कि पुलिस का काम आम नागरिकों की रक्षा करना है, न कि आरोपियों को बचाना।

यह पूरा मामला 6 जुलाई 2026 का है, जब डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों ने एक गर्भवती महिला को NICU बेड की कमी के कारण दूसरे अस्पताल भेजने की सलाह दी थी। आरोप है कि इसके बाद रमेश म्हात्रे ने वहां मौजूद तीन डॉक्टरों के साथ मारपीट की। कोर्ट ने टिप्पणी की कि मारपीट के दौरान म्हात्रे किसी 25 साल के युवक से ज्यादा ऊर्जावान लग रहे थे।

मामले की सुनवाई के दौरान एक्टिंग चीफ जस्टिस रविंद्र वी घुगे और जस्टिस गौतम ए अंखाड की बेंच ने महाराष्ट्र सरकार और कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) को आदेश दिया कि वे घटना के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखें और कोर्ट में पेश करें। कोर्ट अगली सुनवाई में इन रिकॉर्डिंग्स को देख सकता है। साथ ही, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) को भी इस केस में एक पार्टी के तौर पर शामिल कर लिया गया है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा कि जब गिरफ्तारी के 24 घंटे पूरे होने वाले थे, तब पुलिस ने म्हात्रे को अस्पताल में होने का हवाला देकर वर्चुअल मोड के जरिए पेश करने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस को कानून मानने वाले नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।

बता दें कि कल्याण कोर्ट ने 14 जुलाई 2026 को म्हात्रे को जमानत दे दी थी, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने 18 जुलाई को खुद संज्ञान लेते हुए इस जमानत पर रोक लगा दी थी। इसके बाद म्हात्रे ने 19 जुलाई को सरेंडर किया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई 2026 को होगी।