Maharashtra: दक्षिण मुंबई की मशहूर Asiatic Society के चुनाव को लेकर कानूनी लड़ाई अब आखिरी मोड़ पर है। Bombay High Court ने 1,467 सदस्यों की वोटिंग पात्रता पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस फरहान पी. दुबाश की बेंच
Maharashtra: दक्षिण मुंबई की मशहूर Asiatic Society के चुनाव को लेकर कानूनी लड़ाई अब आखिरी मोड़ पर है। Bombay High Court ने 1,467 सदस्यों की वोटिंग पात्रता पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस फरहान पी. दुबाश की बेंच ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली है और अब जल्द ही अंतिम निर्णय आएगा।
वोट देने के लिए कट-ऑफ डेट को लेकर क्या है विवाद?
इस पूरे विवाद की जड़ 3 अक्टूबर 2025 की तारीख है। चैरिटी कमिश्नर अमोग कालोटी ने इस तारीख को वोटर लिस्ट के लिए कट-ऑफ माना था। इसका मतलब है कि जो सदस्य इस तारीख के बाद जुड़े, उन्हें वोट देने का हक नहीं होगा। कोर्ट ने मौखिक रूप से संकेत दिया है कि वह इस तारीख को सही मान सकता है, जिससे लगभग 1,467 नए सदस्य चुनाव से बाहर हो सकते हैं।
चुनाव क्यों रुके और क्या हैं मुख्य आरोप?
चैरिटी कमिश्नर ने 13 मार्च 2026 को चुनाव टालने का आदेश दिया था। इस आदेश में मैनेजिंग कमेटी के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। साथ ही, यह भी सामने आया कि सोसाइटी की 2,050 दुर्लभ किताबें गायब हैं। इसी वजह से नई वोटर लिस्ट तैयार करने और जांच के आदेश दिए गए थे।
मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| विवादित सदस्यों की संख्या |
1,467 सदस्य |
| प्रस्तावित कट-ऑफ तारीख |
3 अक्टूबर 2025 |
| कोर्ट के जज |
जस्टिस फरहान पी. दुबाश |
| चैरिटी कमिश्नर |
अमोग कालोटी |
| गायब किताबों की संख्या |
2,050 दुर्लभ किताबें |
| फैसला सुरक्षित करने की तारीख |
18 अप्रैल 2026 |