Maharashtra: मुंबई हाई कोर्ट ने एक अजीबोगरीब आदेश को बदलते हुए एक 90 साल की बुजुर्ग महिला के मानहानि केस की अगली तारीख अब 15 जुलाई 2026 तय की है। पहले कोर्ट ने इस केस की अगली सुनवाई साल 2046 के लिए टाल दी थी, लेकिन अब जस
Maharashtra: मुंबई हाई कोर्ट ने एक अजीबोगरीब आदेश को बदलते हुए एक 90 साल की बुजुर्ग महिला के मानहानि केस की अगली तारीख अब 15 जुलाई 2026 तय की है। पहले कोर्ट ने इस केस की अगली सुनवाई साल 2046 के लिए टाल दी थी, लेकिन अब जस्टिस जितेंद्र जैन ने उस आदेश को वापस ले लिया है। यह मामला पिछले 10 सालों से चल रहा है और इसमें 20 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है।
कोर्ट ने पहले तारीख 2046 क्यों तय की थी?
28 अप्रैल 2026 को जस्टिस जितेंद्र जैन ने यह टिप्पणी की थी कि दोनों पक्षों के बीच यह केवल एक ‘ईगो फाइट’ (अहंकार की लड़ाई) है। कोर्ट का मानना था कि दोनों पक्ष अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं और ऐसे मामले सिस्टम पर बोझ बढ़ाते हैं। इसी वजह से कोर्ट ने कहा था कि इस मामले को अगले 20 साल तक नहीं लिया जाएगा और वरिष्ठ नागरिक होने के नाते इसे प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।
अब मामले में क्या बदलाव हुआ है?
बुजुर्ग महिला की तरफ से वकील स्वराज जाधव ने इस आदेश में बदलाव की मांग की थी। इसके बाद 29 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने अपने पिछले आदेश से उन लाइनों को हटाने का निर्देश दिया जिनमें मामले को 20 साल बाद सुनने की बात कही गई थी। अब कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2026 को होगी।
क्या है पूरा विवाद और कौन हैं इसमें शामिल?
यह विवाद श्याम निवास को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के पूर्व मैनेजिंग कमेटी सदस्यों और तरिनिबाहेन देसाई नाम की 90 वर्षीय महिला के बीच है। महिला और उनकी 57 वर्षीय बेटी ध्वनि देसाई ने 2015 में हुए कथित मानहानिकारक बयानों के खिलाफ 20 करोड़ रुपये का केस किया था। विपक्षी दल के सदस्यों, जिनमें किल्किराज भंसाली शामिल हैं, ने कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी थी, लेकिन महिला ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस मानहानि केस में मुआवजे की कितनी मांग की गई है?
तरिनिबाहेन देसाई और उनकी बेटी ने विपक्षी पार्टी से 20 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है।
कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख क्या रखी है?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2026 को तय की है।