Maharashtra: सरकारी प्रोजेक्ट अचानक रोका तो अधिकारी अपनी जेब से भरेंगे हर्जाना, Bombay HC का बड़ा फैसला
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि अगर सरकारी या नागरिक निकायों के प्रोजेक्ट्स को अचानक बीच में रोका जाता है, तो उसका हर्जाना टैक्स देने वाली जनता के बजाय जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी जेब
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि अगर सरकारी या नागरिक निकायों के प्रोजेक्ट्स को अचानक बीच में रोका जाता है, तो उसका हर्जाना टैक्स देने वाली जनता के बजाय जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी जेब से देना होगा। कोर्ट ने यह बात शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को एक सुनवाई के दौरान कही। कोर्ट का मानना है कि ऐसे फैसलों से सरकारी खजाने को भारी नुकसान होता है, जिसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होनी चाहिए।
यह पूरा मामला Mumbadevi में बनने वाले 122 करोड़ रुपये के 17 मंजिला रोबोटिक पार्किंग प्रोजेक्ट से जुड़ा है। BMC ने इस काम को पिछले साल रोक दिया था, जिसके बाद ठेकेदार कंपनी SMS Limited ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कंपनी ने काम रुकने की वजह से 55 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। इस प्रोजेक्ट पर सबसे पहले जुलाई 2024 में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नारवेकर ने रोक लगाई थी। उनका कहना था कि इस ऊंची बिल्डिंग से मुंबादेवी मंदिर की खूबसूरती और विरासत को नुकसान पहुंचेगा, साथ ही स्थानीय लोगों की आस्था का मामला भी जुड़ा है।
इस विवाद में अलग-अलग पक्षों की अपनी दलीलें हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने सुझाव दिया था कि अगर प्रोजेक्ट बिना स्थानीय लोगों की सलाह के मंजूर किया गया था, तो हर्जाना उस समय के म्युनिसिपल कमिश्नर से वसूला जाना चाहिए। वहीं, BMC अधिकारियों ने फरवरी 2026 में संकेत दिया था कि हर्जाना BMC के फंड से देना पड़ सकता है, हालांकि उन्होंने राज्य सरकार को बताया था कि प्रोजेक्ट में कोई गड़बड़ी नहीं थी और बढ़ती लागत के लिए BMC जिम्मेदार नहीं है।
दूसरी तरफ, मुंबादेवी मंदिर ट्रस्ट और मुंबई के कई ज्वेलर्स एसोसिएशन जैसे कि Mumbai Wholesale Gold Jewellers Association और India Bullion and Jewellers Association ने इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने की मांग की है। ट्रस्ट ने कहा है कि वे ट्रैफिक और सुरक्षा की शर्तों के साथ इस प्रोजेक्ट के लिए तैयार हैं। अब हाई कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अधिकारियों की जवाबदेही तय होने की संभावना बढ़ गई है।