Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका में रह रहे एक डॉक्टर का पासपोर्ट रद्द या जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। यह आदेश कोर्ट के पिछले आदेश का पालन न करने और कानूनी प्रक्रिया
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका में रह रहे एक डॉक्टर का पासपोर्ट रद्द या जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। यह आदेश कोर्ट के पिछले आदेश का पालन न करने और कानूनी प्रक्रिया से बचने के कारण दिया गया है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर (RPO), मुंबई को जरूरी कार्रवाई करने को कहा है।
क्या है पूरा मामला और क्यों हुई कार्रवाई?
यह मामला डॉ. मनोज मजुमदार से जुड़ा है, जो अमेरिका में रहते हैं और भायंदर (पूर्व) में अश्विनी जनरल हॉस्पिटल के मालिक हैं। कोर्ट ने 13 सितंबर 2023 को आदेश दिया था कि डॉ. मजुमदार एक नर्स, वेरोनिका परेरा को 10 लाख रुपये का भुगतान करें। अगर भुगतान में देरी होती है, तो 6% ब्याज भी देना था। लेकिन डॉ. मजुमदार ने इस आदेश को नहीं माना और न ही वे कोर्ट की प्रक्रिया के लिए उपलब्ध हुए।
कोर्ट ने पासपोर्ट अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करना और देश छोड़कर कानूनी प्रक्रिया से बचना एक गंभीर मामला है। कोर्ट ने पासपोर्ट अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
- मुंबई के रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर पासपोर्ट को रद्द या जब्त करने पर विचार करें।
- अमेरिका में स्थित काउंसुलर चैनल के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी साझा की जाए।
- पासपोर्ट एक्ट, 1967 की धारा 10(3) के तहत कानूनन जरूरी कदम उठाए जाएं।
पासपोर्ट रद्द करने का नियम क्या कहता है?
पासपोर्ट एक्ट, 1967 की धारा 10(3) के मुताबिक, पासपोर्ट अथॉरिटी के पास पासपोर्ट जब्त करने का अधिकार होता है। यह कार्रवाई तब की जा सकती है जब किसी व्यक्ति के खिलाफ भारत की किसी आपराधिक अदालत में मामला लंबित हो या कोर्ट ने उसकी उपस्थिति के लिए समन या वारंट जारी किया हो। इस मामले में कोर्ट ने पासपोर्ट अथॉरिटी को इसी नियम के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।